मेरठ। जहां पुलिस विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरतती है, वहीं लूट का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पुुलिस ने महज 10 घंटे में विवेचना पूरी करके घटना को झूठी बताते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
मामला इंचौली थाना क्षेत्र का है। गुरुवार को एसएसपी के समक्ष पहुंचे खरदौनी निवासी मुबारक ने बताया कि उसकी सास अफसरी ने तीन सितंबर को कृषि भूमि का बैनामा कराया था। वह बैनामा कराने के बाद मिले साढ़े छह लाख रुपये लेकर गांव लौट रही थी। रास्ते में उससे यह रकम लूट ली गई। घटना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपियों को फायदा पहुुंचाने की नीयत से महज 10 घंटे में विवेचना पूरी करके फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद मुबारिक ने अधिवक्ता जावेद आलम की मार्फत प्रार्थना पत्र डाला, तो अदालत ने फाइनल रिपोर्ट खारिज करके पुन: विवेचना का आदेश जारी किया। एसएसपी से शिकायत की गई है कि आरोपी पक्ष पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाए हुए हैं। विवेचना किसी उच्च अधिकारी से कराई जाए। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।