खरखौदा/सरधना/परीक्षितगढ़। देहात क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुके आदमखोर ने शनिवार रात फिर कहर बरपा। बधौली में शनिवार शाम पशुओं पर हमला करने के बाद इस आदमखोर ने शौच को गई महिला पर हमला बोल दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा सरधना के नानू में एक युवक और कुत्ते पर भी हमला करने की चर्चा है। परीक्षितगढ़ के नारंगपुर के भी ग्रामीणों ने नील गाय के बच्चों को खाते जानवर को देखने का दावा किया। वहीं मुंडाली क्षेत्र के सिसौली में भी आदमखोर ने एक नील गाय के बच्चे को खाया। घटनाओं के बाद ग्रामीणों में पूरे रात दहशत रही और पकड़ने के लिए कांबिंग की गई।
शनिवार शाम को बधौली गांव के बाहर बने अहाते में आदमखोर ने एक गाय और एक बछडे़ को काटकर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने आदमखोर का पीछा कर जंगल में कांबिग की लेकिन वो नहीं मिला। थोड़ी देर बाद शकीला पत्नी जफरुद्दीन जंगल में शौच के लिए गई तो उस पर आदमखोर ने हमला कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीणों को आता देख वह जंगल की ओर भाग गया। शकीला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गांव के इब्राहिम, मगलू आदि ने बताया कि उनके मकान भी गांव के बाहरी छोर पर हैं और सभी लोग बकरियां पालते हैं। आधी रात को एक अजीब से जानवर ने हमला करने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उसे घेर लिया लेकिन वह छलांग लगाकर भाग गया।
नानू में युवक पर हमला
नानू में इकरार पुत्र गफूर का गांव के बाहरी छोर पर मकान है। शनिवार रात को एक आदमखोर इकरार के घर में घुस आया और कुत्ते पर हमला कर दिया। इकरार ने कुत्ते को बचाने का प्रयास किया तो उस पर भी हमला कर दिया। परिजनों ने शोर मचाया तो जानवर दीवार फांदकर भाग गया। ग्रामीणों ने जानवर को तलाश किया लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
नारंगपुर में नील गाय के बच्चे को खाता दिखा आदमखोर
नारंगपुर में गुरुकुल विद्यालय के पीछे बनवारी का खेत है। गांववालों ने बताया कि इसी खेत में नील गाय के बच्चे को खाता जानवर देखा गया। रविवार सुबह गांव के शरणवीर, राज कुमार, दीपचंद. कुलदीप, मुकेश, धर्मसिंह खेत जा रहे थे। इन्होंने भी करीब साढे़ चार फुट लंबे, गेरुआ रंग तथा काले मुंह का जानवर देखा, जो खेत में नील गाय के बच्चे को खा रहा था। उन्होंने फायरिंग की तो जानवर भाग गया। गांववालों ने घंटों उसकी तलाश की लेकिन वह हाथ नहीं आया। गांव वालों का कहना था कि वन विभाग को सूचना गई लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इस संबंध में वन रेंजर देवेंद्र पाल सिंह का कहना है कि कोई जानवर नहीं हैं, आवारा किस्म के कुत्ते हैं। दुपहर को खेतों में घास काटने गई गांव की सुशीला ने भी इसी तरह के जानवर को देखने की बात कही।
सिसौली में नील गाय का बच्चा खाया
शनिवार रात सिसौली में लोगों को कब्रिस्तान के पास से आदमखोर की आवाज सुनाई दी। उनका दावा है कि लाठी डंडे और टार्च लेकर वहां पहुंचे तो उन्हें आदमखोर दिखाई दिया। वह किसी जानवर के बच्चे को मारकर खा रहा था। ग्रामीणों का शोर सुनकर आदमखोर ईख के खेत में घुस गया। रविवार दोपहर लाठी डंडे लेकर ग्रामीण आदमखोर की तलाश में ईख के खेत में घुसे तो नील गाय का मरा हुआ बच्चा मिला। जिसका कुछ हिस्सा आदमखोर ने खा लिया था।