यूपी के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों का हाल
हाईस्कूल में 81 हजार 712 और इंटर में एक लाख 14 हजार 296 फेल
मेरठ। जहां हाईस्कूल का रिजल्ट पहले से बेहतर रहा है। इंटरमीडिएट का का कुछ नीचे गया है। मेरठ स्थित यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 17 जिले आते हैं, जिनमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में एक लाख 96 हजार आठ विद्यार्थी फेल हुए हैं। फेल होने वालों में हाईस्कूल में 81 हजार 712 विद्यार्थी हैं और इंटरमीडिएट में एक लाख 14 हजार 296 विद्यार्थी हैं।
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले जिलों का हाल
जिला फेल विद्यार्थी (हाईस्कूल) फेल विद्यार्थी (इंटर)
अलीगढ़ 12168
आगरा 7947 16904
एटा 6001 6268
मैनपुरी 6609 9195
मथुरा 5992 14905
फिरोजाबाद 7002 10012
मेरठ 3847 8970
हाथरस 5520 11759
कासगंज 3307 4162
बुलंदशहर 6392 6417
सहारनपुर 4683 4743
गाजियाबाद 2647 2655
मुजफ्फरनगर 2510 4790
गौतमबुद्धनगर 1727 2862
बागपत 2455 2739
हापुड़ 1791 1899
शामली 1114 1226
हाईस्कूल के प्रतिशत में उछाल, मॉडरेशन का कमाल
हाईस्कूल के रिजल्ट के 4.19 प्रतिशत बेहतर होने में मॉडरेशन का भी ‘कमाल’ है। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाईस्कूल में हिंदी, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी, गणित, प्रारंभिक गणित और विज्ञान में 15-20 अंक तक मॉडरेशन दिया गया होगा, ऐसा लगता है। दरअसल, नकल पर नकेल थी। इसके बावजूद पिछले छह साल में हाईस्कूल का यह सबसे बेहतर रिजल्ट है। हालांकि दूसरी तरफ, इंटरमीडिएट में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, भूगोल और अर्थशास्त्र में 8-8 अंक का मॉडरेशन दिए जाते हैं और भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में 14-14 अंक का मॉडरेशन दिए जाते हैं, लेकिन इस बार इंटरमीडिएट में इसका असर रिजल्ट पर ज्यादा नहीं दिखा।