पांच टीआई, फिर भी ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर नहीं आई
आखिर कौन हटाएगा चौराहों से अतिक्रमण व अवैध वाहन
कोई नहीं करता ट्रैफिक नियमों का पालन, पूरा शहर जाम की चपेट में
सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण बना मुसीबत
अमर उजाला अभियान
मेरठ। शहर में यातायात व्यवस्था बनाने के लिए पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टर हैं, लेकिन इसके बाद भी व्यवस्था सुधरने की बजाय लगातार बिगड़ती जा रही है। सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण का हाल ऐसा है कि अन्य वाहनों के चलने के लिए जगह ही नहीं बचती। चौराहों पर न तो ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाता है और न ही अन्य वाहन चालकों को होने वाली दिक्कतों को कोई देखता है। न कोई नियम न कायदा बस जिसका जहां से मन करता है, जैसे मन करता है वाहन मोड़ देता है इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस न तो नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करती और न ही अतिक्रमण और सड़क पर खड़े पर वाहनों पर।
शहर में जाम गंभीर समस्या बनता जा रहा है। अधिकांश सड़कें और चौराहे अतिक्रमण की चपेट में हैं। अतिक्रमण को लेकर न तो कोई थानेदार, सीओ और एडिशनल एसपी गंभीर हैं और न टी ट्रैफिक पुलिस। जबकि अतिक्रमण से शहर की सड़कों पर सबसे अधिक जाम लग रहा है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिल्ली रोड पर सोतीगंज में पहुंचकर अतिक्रमण हटवाया था, लेकिन कुछ देर चला यह अभियान ठप्प हो गया और कब्जे जस के तस हो गए।
अतिक्रमण का जाल
दिल्ली रोड पर भी बेगमपुल से लेकर रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, मंडी गेट, रिठानी तक जाम के कारण वाहन चलाक परेशान रहते हैं। 10 मिनट का सफर तय करने में आधे घंटे से 45 मिनट तक लग जाते हैं। यहां सड़क के दोनों ओर कब्जे हैं। कहीं सड़क पर ही गैराज चल रहे हैं तो कहीं ठेले व अन्य दुकानें लगी हैं। इसके अलावा सड़क पर पार्किंग व ऑटो-ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से भी जाम की समस्या विकट हो रही है। उधर मोदीपुरम तिराहे से लेकर टोल तक हाईवे पर आए दिन जाम लगता है। वहीं हापुड़ रोड पर भी जाम का यही हाल है। हापुड़ हड्डा चौराहे से लेकर शास्त्रीनगर एल ब्लॉक और पीएवी वाहिनी तक सड़क पर दोनों तरफ अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या बनती है। यही हाल मवाना रोड का है गंगानगर थाने से लेकर कसेरू बक्सर तक अतिक्रमण के कारण जाम लगता है। गढ़ रोड का भी यही हाल है। मेडिकल कॉलेज के सामने अतिक्रमण के चलते वाहन चालकों को दिक्कत होती है, जिससे जाम की समस्या होती है।
शहर का हर चौराहे पर अवैध वाहनों का कब्जा
शहर के चौराहों का सबसे बुरा हाल है। आरटीओ से रजिस्टर्ड ई रिक्शा की संख्या पांच हजार है। जबकि करीब दो हजार के आसपास अवैध ई रिक्शा शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वहीं शहर और शहर से सटे मुख्य मार्गों पर प्रत्येक दिन 18 हजार से 20 हजार ऑटो का आवागमन होता है। शहर में ई रिक्शा और ऑटो के लिए कोई भी पार्किंग की व्यवस्था नही है। ऐसे में मुख्य चौराहे जिनमें जीरो माइल स्टोन, बेगमपुल चौराहा, भैसाली बस अड्डा, जली कोठी चौराहा, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, मलियाना पुलिस चौकी तिराहे पर अवैध ऑटो व ई रिक्शा बीच सड़क पर खड़े होते हैं। इनके अलावा हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया का पुल, खैर नगर चौपला, घंटाघर, तेजगढ़ी चौपला, एल ब्लॉक तिराहा शास्त्रीनगर, शॉप्रिक्स तिराहा और परतापुर तिराहे का भी अवैध वाहनों से बुरा हाल है।
दिल्ली रोड पर भारी वाहन
सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। नो एंट्री में दिन में भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। ऐसे में दिल्ली रोड पर दिन में ट्रक, टैंकर, कंटेनर, ट्रैक्टर ट्राली मुसीबत बने हुए हैं। ट्रांसपोर्ट नगर से आने जाने वाले वाहनों की प्लानिंग भी ध्वस्त हो गई। ट्रांसपोर्ट नगर से सभी वाहन दिन में दिल्ली रोड पर अवैध तरीके से आते हैं लेकिन यहां अवैध वाहनों पर पुलिस ने कार्रवाई करने के नाम पर चुप्पी साध रखी है।