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90 फीसदी महिलाओं की सेहत निकली खराब

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किसी में खून की कमी आई, किसी का ब्लड प्रेशर हाई
जसवंत राय अस्पताल में लगा निशुल्क चिकित्सा शिविर

मेरठ। परिवार की सेहत और नौकरी का रिपोर्ट कार्ड सुधारने की चिंता में रोजाना जूझने वाली महिलाओं की अपनी स्वास्थ्य रिपोर्ट काफी खराब है। रविवार को जसवंत राय स्पेशियलिटी अस्पताल में ‘केयर फॉर हर’ के तहत निशुल्क शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षिकाओं, बैंक महिला कर्मचारी और सरकारी सेवाओं में कार्यरत महिलाओं समेत 350 महिलाओं का वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोदा राजीव ने स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से महज 10 से 15 फीसदी ही ऐसी रहीं जो स्वास्थ्य के मानकों पर खरी उतरीं। जांच रिपोर्ट में कैल्शियम, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन की कमी से 85 से 90 फीसदी महिलाएं पीड़ित पाई गईं।
शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव अग्रवाल ने किया। शिविर में चिकित्सा परामर्श, स्त्री रोगों की जानकारी, खून व यूरिन की जांच और हड्डियों में कैल्शियम की जांच की गई। इसके अलावा कमर के दर्द और बच्चेदानी की रसोली के लिए चेकअप और ल्यूकोरिया संबंधी चेकअप, स्तन कैंसर, फेफड़ों की जांच, खाने की सलाह व निशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। चिकित्सा शिविर की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोदा राजीव ने बताया कि भारतीय महिलाओं में खून की कमी, कमर का दर्द, ल्यूकोरिया व स्तन कैंसर जैसी बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो खानपान, व्यायाम, मानसिक तनाव एवं अनियमित दिनचर्या के कारण होती हैं। महिलाओं में खून की कमी के कारण कमजोरी आती है और दिन प्रतिदिन स्वास्थ्य में गिरावट आती रहती है। खून की कमी को खानपान से ठीक किया जा सकता है। कई बार गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं कराई जाती है, ऐसे में प्रसव पीड़ा होने या अंतिम समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है, जिससे गर्भवती में रक्त की कमी या प्रसव में जटिलता की स्थिति सामने आती है। परिवार के लोग भी इस बात से अनभिज्ञ रहते हैं कि इन हालातों में गर्भवती की जान खतरे में पड़ जाती है। कई बार इन कारणों से मौत भी हो जाती है। महिलाओं में कमर के दर्द की शिकायत आम हैं जो दवाइयों के अतिरिक्त व व्यायाम से भी ठीक किया जा सकता है। जांच, रोगों से बचाव के साथ-साथ खानपान का तरीका और व्यायाम आदि का प्रशिक्षण भी दिया गया। कैंप में आए सभी लाभार्थियों के परिवार के लिए विशेष रियायती दरों पर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने और भविष्य में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने का वादा किया है। निदेशक शैलेंद्र कुमार अग्रवाल, डॉ एससी अग्रवाल और राजीव रस्तोगी का सहयोग रहा।
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अधिकांश को बीमारी का नहीं था पता
चेकअप के दौरान ही कई महिलाओं को पता लगा कि उनका शुगर स्तर काफी बढ़ा हुआ है या उनका हीमोग्लोबिन कम है। ब्रेस्ट कैंसर और स्त्री रोगों से संबधित मामले भी शिविर में आए। इनमें से अधिकांश को इसकी जानकारी ही नहीं थी।
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