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गन्ना भुगतान कराने का वादा कर किसानों को साधने का प्रयास

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- प्रधानमंत्री ने गन्ना बकाये की खराब स्थिति को डाला सपा सरकार के पाले में
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- कहा- सपा राज के 35000 करोड़ बकाये का योगी सरकार ने किया भुगतान
राजदीप जाखड़
मेरठ।
पश्चिमी उप्र की सियासत में गन्ना अपनी लंबाई और मजबूती की तरह बड़ा सियासी वजूद भी रखता है। गन्ना खरीद और बकाया भुगतान से पार्टियों की सियासत बनती और उखड़ती रही है। इस चुनाव में भी किसानों के बीच गन्ना बकाया भुगतान बड़ा मुद्दा बना है। इसी मुद्दे पर कैराना उप चुनाव हार चुकी भाजपा अब कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
बृहस्पतिवार को विजय संकल्प रैली से लोकसभा चुनाव प्रचार का श्रीगणेश करने मेरठ पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में गन्ना मूल्य की पाई-पाई का भुगतान कराने का वादा कर किसानों को साधने का प्रयास किया। मोदी ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी, तब गन्ना बकाया भुगतान की स्थिति बेहद खराब थी। सपा सरकार 35 हजार करोड़ का बकाया छोड़कर गई थी। योगी सरकार ने न केवल 35 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया, बल्कि चालू पेराई सत्र में भी 22 हजार करोड़ रुपये भुगतान करा दिया है। मोदी ने कहा कि गन्ना किसान चिंता न करे। एक-एक पाई दिलाई जाएगी। प्रदेश सरकार इसके लिए तेजी से काम कर रही है। गन्ना भुगतान के अलावा मोदी ने किसानों को फसल लागत से डेढ़ गुणा रेट दिलाने और पीएम सम्मान निधि की पहली किस्त के दो-दो हजार खातों में पहुंचने और जल्द ही दूसरी किस्त भी पहुंचने की बात कही।
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इस सत्र का 10 हजार करोड़ बकाया
पीएम मोदी ने भाषण में चालू पेराई सत्र में कराए गए भुगतान का जिक्र किया, लेकिन मिलों पर कितना बकाया है, इसका जिक्र नहीं किया। गन्ना विभाग से मिले आंकड़ों पर नजर डाले तो प्रदेश की मिलों पर 10 हजार करोड़ बकाया चल रहा है। सहारनपुर मंडल की मिलों पर 1848 करोड़, मेरठ मंडल की मिलों पर 2111 करोड़ और मुरादाबाद मंडल की मिलों पर 1671 करोड़ बकाया चल रहा है। तीनों मंडलों ने खरीदे गए गन्ने का केवल 49 फीसदी ही भुगतान हुआ है।
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14 दिन में भुगतान कराने का जिक्र नहीं
विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को खरीदे गए गन्ने का 14 दिन में भुगतान कराने का वादा किया था। पश्चिमी यूपी में हुई तमाम रैलियों में उनके साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस वादे को दोहराया था। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। विपक्षी दल चुनाव में इसे मुद्दा बना रहे हैं। रैली में आए सकौती निवासी किसान गुलबीर सिंह, टीटू आदि ने कहा कि पूरे भाषण में मोदी ने 14 दिन के अंदर भुगतान कराने में विफल होने की बात नहीं कही।
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