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शिवभक्तों की सेवा को आगे आए मुस्लिम समाज के लोग

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शिव भक्तों की सेवा को आगे आए मुस्लिम
मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द का नजारा भी देखने को मिल रहा है। शहर में कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोग भी शिव भक्तों की सेवा कर रहे हैं। इनका कहना है कि इंसानियत के नाते वे यहां आए हैं। जैसे ही कांवडियों का जत्था नजर आता हाथ में खाने पीने का सामान लेकर दौड़ पड़ते हैं। शहर में कई स्थानों पर ये नजारा देखने को मिला। जली कोठी निवासी इरफान दिल्ली रोड पर जली कोठी के पास देहली गेट थाना पुलिस द्वारा लगाए गए कांवड़ शिविर में शिव भक्तों की सेवा में जुटे थे। बोले कि दिल की आवाज पर वे कांवड़ियों की खिदमत को आए हैं। उन्हें यहां दिली सकून मिल रहा है।

इंसानियत सबसे बड़ी चीज
दिल्ली रोड पर जली कोठी निवासी आरिफ का कहना था कि मजहब ही तो अलग है। हैं तो सब इंसान और इंसानियत के नाते वे यहां आए हैं। सैकड़ों मील दूर से कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ियों की सेवा करने से उन्हें सकून महसूस हो रहा है।
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दिली सकून मिला
जली कोठी पर बैरिंग की दुकान करने वाले सिराज अहमद कहते हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। ईद के मौके पर हिंदू भाई उनके घर सेवई खाने आते हैं। हम दीवाली पर मिठाई खाने जाते हैं। यही तो हमारे मुल्क की शान है। कांवड़ियों की सेवा से उन्हें दिली सकून मिला है।

अमन चैन का पैगाम जाता है
खैर नगर निवासी साबिर नवाज बर्नी भी दिल्ली रोड पर कांवड़ शिविर के बाहर कांवड़ियों की सेवा में जुटे थे। हाथ में फल और ठंडा लेकर शिव भक्तों को दे रहे हैं। कहा कि इस तरह आपसी सौहार्द और अमन चैन का पैगाम जाता है। उन्हें खुशी है कि वे भोलों की सेवा कर रहे हैं।
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मजहब अलग है पर है तो सब इंसान
80 साल के सलामुद्दीन जली कोठी पर पुलिस के कांवड़ शिविर के बाहर शिव भक्तों की सेवा में जुटे थे। जैसे ही कावंड़ियें आते हाथ में खाने पीने का सामान लेकर भोले भोले की आवाज लगाकर उन्हें रोकते और विनम्र अनुरोध के साथ उन्हें खिलाते। कहा कि अल्लाह ताल्हा सबको इंसान बनाकर ही भेजता है यहीं आकर मजहब बदलता है लेकिन रहते तो सब इंसान ही हैं।
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