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बच्चों के लिए जिला अस्पताल में बनेगा पुल, बड़ा वार्ड

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बच्चों के लिए जिला अस्पताल में बनेगा बड़ा वार्ड
अरीश रिज़वी
मेरठ। जिला अस्पताल में बच्चों का इलाज कराने वालों के लिए राहत की खबर है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो बीमार बच्चों को भर्ती होने में परेशानी नहीं होगी। उन्हें एक बेड पर दो-दो को इलाज नहीं कराना पड़ेगा। दरअसल, बच्चा वार्ड और उसके सामने बने आईसोलेशन वार्ड को एक पुल के जरिए जोड़ने की तैयारी है और फिर वहां बच्चा वार्ड बनाया जाएगा, जिसमें 30 से 40 बेड तक बढ़ाए जा सकेंगे।
जिला अस्पताल में हर रोज 250 से 300 बच्चे बाल रोग विशेषज्ञों के पास ओपीडी में आते हैं। महीनेभर में इनकी तादाद छह से सात हजार पहुंच जाती है। इनमें से 18-20 बच्चे हर रोज जिला अस्पताल में भर्ती रहते हैं। जिला अस्पताल में 18 बेड का बच्चा वार्ड बना हुआ है। जब मरीज बच्चों की तादाद ज्यादा हो जाती है तो उन्हें एक बेड पर दो-दो को भी लेटाना पड़ता है। इसके अलावा कई बार पुरुष वार्ड तक में भी उन्हें भर्ती करना पड़ता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अब इसके निवारण की तैयारी की जा रही है, जिससे मरीजों को राहत मिल सके।
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दरअसल, वर्ल्ड बैंक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदेश के अस्पतालों को फंड मुहैया कराता है। वर्ल्ड बैंक की टीम यहां कई बार निरीक्षण कर जा चुकी है। वह अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए कई हिदायतें दे चुके हैं। इसी के तहत जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से उन्होंने अस्पताल को और बेहतर करने का प्रस्ताव भी मांगा था, जिससे उसे अमली जामा पहनाया जा सके। प्रमुख अधीक्षक ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया। इसमें बच्चों को बेहतर इलाज देने पर फोकस किया गया है।

वर्ल्ड बैंक को भेजा गया प्रस्ताव
बच्चा वार्ड और आईसोलेशन वार्ड को मिलाकर एक और बच्चा वार्ड का निर्माण करने का प्रस्ताव शासन की अनुमति से वर्ल्ड बैंक को भेज दिया गया है। उनकी अनुमति का इंतजार है। विश्व बैंक से अनुमति मिलने केबाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
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- डॉ. पीकेबंसल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल

गर्मियों में होती है ज्यादा दिक्कत
जिला अस्पताल में खासकर गर्मियों के मौसम में बुरा हाल रहता है, क्योंकि बीमारी के कारण अक्सर बेड पर ज्यादा बच्चे रहते हैं। गर्मियों में तापमान 40 के पार पहुंच जाता है, ऐसे में बच्चे गर्मी सहन नहीं कर पाते और दस्त, उल्टी-बुखार की चपेट में आ जाते हैं। उनमें पानी की कमी हो जाती है, इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है।

खास बातें:
- पुल बनाकर जोड़ा जाएगा बच्चा वार्ड और आइसोलेशन वार्ड
- बढ़ाए जा सकेंगे 30- 40 बेड
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