मेरठ। ई-रिक्शाओं को रूट आवंटन करने के लिए ट्रैफिक पुलिस डेढ़ माह बाद एक्टिव हुई है। बृहस्पतिवार को अभियान चलाते हुए 47 ई-रिक्शा पकड़े गए। जिनमें से 32 चालकों को उनके ई-रिक्शा का रूट नंबर थमाया गया जबकि 15 चालकों को डाटा न मिलने पर छोड़ दिया गया।
दरअसल जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर में ई-रिक्शाओं के लिए रूट सिस्टम लागू किया था। शहर में 37 रूट बनाए गए थे। पहली जनवरी से ये प्लान लागू होना था। लेकिन मनचाहा रूट न मिलने से ई-रिक्शा चालक रूट नंबर लेने से कतरा रहे थे। जिस कारण ट्रैफिक पुलिस का प्लान परवान नहीं चढ़ रहा था। बृहस्पतिवार को ट्रैफिक पुलिस के टीएसआई दीनदयाल दीक्षित के नेतृत्व में टीम ने बेगमपुल से हापुड़ अड्डा तक अभियान चलाया। टीम ने बिना रूट नंबर लिए दौड़ रहे ई-रिक्शाओं की धरपकड़ शुरू कर दी। टीएसआईके अनुसार 32 चालकों के पास कागजात मिलने पर इन्हें रूट आवंटन कर दिया गया। 15 ई रिक्शा हाल ही में खरीदे गए थे उनका डाटा अभी तक आरटीओ के यहां से नहीं आया था। इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।
पकड़ा गया चालकों का झूठ
कुछ ई-रिक्शा वालों ने बहानेबाजी की कि वो तो नंबर लेने ट्रैफिक विभाग के दफ्तर गए थे बताया गया कि उनका डाटा ही नहीं आया है। टीम ने अपने कार्यालय से चेक कराया तो उसका डाटा विभाग में उपलब्ध था। इस पर चालकों का झूठ पकड़ा गया। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि यदि ई रिक्शा रूट नंबर के अनुसार चलेंगे, तो मुख्य स्थानों पर जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
- अपना प्लान परवान चढ़वाने के लिए एक्टिव हुई ट्रैफिक पुलिस