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विश्व हृदय दिवस: सहीं खाएं और तनाव को दूर भगाएं

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तनाव को दूर भगाएं, दिल रहेगा दुरुस्त
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बिगड़ी दिनचर्या, तनाव, गलत खानपान, प्रदूषण और अन्य कारणों के चलते दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। छोटी उम्र से लेकर बुजुर्गों तक में यह समस्या आम होती जा रही है। हृदय रोग विशषेज्ञों की मानें तो दिल को दुरुस्त रखने के लिए सही खानपान, एक्सरसाइज और तनाव को दूर भगाना सबसे जरूरी है।
तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है। आज की भागदौड़ वाली जीवन शैली में लोगों में तनाव ज्यादा बढ़ गया है, इसलिए इस बीमारी से पूरी तरह बचना तो मुश्किल है, लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें। तनाव के कारण मस्तिष्क से जो रसायन स्रावित होते हैं, वे हृदय की पूरी प्रणाली खराब कर देते हैं। हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार पंप करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है। हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल का कहना है कि हृदय की बीमारी का इलाज बचाव है और बचाव का सबसे सरल तरीका लाइफ स्टाइल में सही बदलाव है। एक जगह लगातार छह घंटे तक बैठना हृदय रोग का कारण बन सकता है, यह सिगरेट की डिब्बी पीने के बराबर है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित जैन ने बताया कि हृदय रोग पूरे विश्व में एक गंभीर बीमारी है। उचित दिनचर्या और नियमित जांच कराने से हृदय रोगों से बचा जा सकता है।
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यह करें
थोड़ा समय व्यायाम करें।
सेहत के अनुरूप आहार लें।
नमक का कम मात्रा में सेवन करें।
कम वसा वाले आहार लें।
ताजा सब्जियां और फल लें।
तंबाकू से दूर रहें।
घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहना भी हृदय केलिए हानिकारक हो सकता है।
देर रात तक जागने से तनाव बढ़ता है।

2000 में हुई थी विश्व हृदय दिवस की शुरुआत
विश्व हृदय दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2000 में की गई थी। तब यह तय किया गया था कि हर साल सितंबर माह के अंतिम रविवार को विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा, लेकिन 2014 में इसके लिए 29 सितंबर की तारीख तय कर दी गई।

खास बात
दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है तनाव, खराब जीवनशैली से बढ़ रहा तनाव
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