मेरठ। रक्षाबंधन पर महिलाओं को पहली बार मुफ्त सफर के तोहफे ने यूपी रोडवेज बसों में भारी भीड़ करा दी। फ्री के चक्कर में बस अड्डों पर पहुंचीं बाकी राज्यों की बसों में महिलाओं ने सफर करने से गुरेज किया। महिला यात्री यूपी रोडवेज बसों का इंतजार करती रहीं। हालांकि यह सुविधा एमसीटीएसएल की महानगर सेवा की बसों में नहीं दी गई। महिला यात्रियों ने इन बसों के परिचालकों से मुफ्त किराये को लेकर खूब तकरार की।
यूपी सरकार ने पहली बार परिवहन निगम की बसों में रक्षाबंधन पर 24 घंटे के लिए महिलाओं को मुफ्त सफर करने की सुविधा प्रदान की थी। जो रविवार आधी रात से शुरू होकर सोमवार आधी रात तक चली। जिसका महिलाओं ने ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया भी। लेकिन भैसाली और सोहराब गेट बस अड्डों पर पहुंचीं उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान राज्यों के अलावा डीटीसी बस में सफर करने से परहेज किया। सुबह भैसाली डिपो के स्टेशन अधीक्षक भारत भूषण ने अपने सामने महिलाओं को शून्य शुल्क वाला टिकट दिलाया।
ये बसें भी तो रोडवेज की
मुफ्त सफर को लेकर महिलाओं ने महानगर में चलने वाली महानगर सेवा की बसों में परिचालकों से खूब तकरार की। महिलाओं का कहना था कि ये बसें भी रोडवेज संचालित कर रहा है। प्रदेश सरकार ने रोडवेज बसों में फ्री सफर की सौगात दी है। परिचालकों का कहना था यह सुविधा परिवहन निगम की बसों में दी गई है। परिचालकों ने आदेश की कापी भी दिखाई। कंपनी के एमडी संदीप लाहा ने बताया कि मुफ्त सफर की सुविधा सिर्फ रोडवेज बसों में थी। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एमसीटीएसएल) की महानगर सेवा की बसों में नहीं थी। महिलाओं को इस बारे में जानकारी नहीं होने से तकरार की स्थिति बनती रही।
खास बात
- महिला यात्रियों ने दूसरे राज्यों की बसों में सफर करने से किया गुरेज
- बस अड्डों पर करती रहीं यूपी रोडवेज की बसों का इंतजार
- महानगर सेवा की सरकारी बसों में किराया लेने का किया विरोध, खूब हुई तकरार