- बिजनौर बैराज से छोड़ा जा रहा 59 हजार क्यूसेक पानी, खादर के किसानों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों और गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर खादर क्षेत्र के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता देखी जा रही है। सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को सता रही है, जिनकी फसलें गंगा के किनारे स्थित खेतों में खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और गंगा का जलस्तर अधिक बढ़ गया तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि मंगलवार को हरिद्वार स्थित भीमगौडा बैराज से सोमवार को 90 हजार 405 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके सापेक्ष बिजनौर बैराज पर वर्तमान में 58 हजार 572 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से छोड़ा गया यह पानी देर रात तक बिजनौर बैराज पर पहुंच जाएगा, जिससे हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ेगा। खादर क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हर वर्ष गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका बनी रहती है। मंगलवार सुबह से ही गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है। गंगा किनारे के आसपास के जंगल में भी पहुंच गया है।