मेरठ। ईंट भट्टों के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई ने जोर पकड़ लिया है। जनपद में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी व जिला पंचायत की रसीद व विनियमन शुल्क जमा किए बिना चल रहे ईंट भट्टों को बंद कराया जाएगा। इसके लिए अपर जिलाधिकारी वित्त के निर्देशन में औचक निरीक्षण शुरू हो चुका है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि एनसीआर में पर्यावरण बोर्ड की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के बिना संचालित तथा ऐसे भट्टे जिनके पास जिला पंचायत की रसीद नहीं है और विनियमन शुल्क जमा नहीं किया गया है ऐसे भट्टों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। ईट भट्टों का आकार आयताकार होना चाहिए, वह हाई-ड्राप पर होना चाहिए तथा उसमें ईंटों की भराई जिग-जैग प्रणाली से होनी चाहिए।
सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि वह स्वयं टीम बनाकर ईट भट्टों का औचक निरीक्षण कराएंगेे। उन्होंने ईंट भट्टा संचालकों को स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि वह आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र व अन्य जरूरी मापदंडों के बिना संचालित ईट भट्टों को स्वयं ही बंद कर दें अन्यथा उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।