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झुलसी महिला को लावारिस में छोड़ गए जिम्मेदार

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झुलसी महिला को लावारिस में छोड़ गए जिम्मेदार
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मेरठ। जिला अस्पताल के बिजलीघर में महिला के तार पकड़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ की लापरवाही जारी है। झुलसी महिला को जिला अस्पताल की टीम मेडिकल कॉलेज में लावारिस में छोड़कर आई थी। उन्होंने सर्जरी विभाग में बने बर्न वार्ड में इस संबंध में रेफर लेटर भी नहीं दिया। महिला का इलाज कर रहे डॉ. सुधीर राठी इससे खफा हैं। उन्होंने प्राचार्य के माध्यम से इसकी शिकायत जिला अस्पताल के एसआईसी से करने की बात कही है।
उधर, महिला की हालत चिंताजनक बनी है। उसके हाथों और पैरों को पट्टी से बांधकर इलाज किया जा रहा है। मरहम पट्टी के दौरान उसे बेहोश करना पड़ता है। इलाज कर रहे स्टाफ का कहना है कि महिला ज्यादा हाथ-पैर चलाती है, इससे उसके जख्म और गहरे हो सकते हैं, इसलिए उसके हाथ और पैर बांधे गए हैं। उपचार कर रहे डॉ. सुधीर राठी ने बताया कि जांच करने पर पता चला है कि महिला करीब 35 से 40 प्रतिशत झुलसी है। महिला को बृहस्पतिवार को प्लास्टिक सर्जन को भी दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल से जो टीम आई थी, वह महिला को लावारिस बताकर छोड़ गई है। रेफर लेटर भी नहीं दिया। जिला अस्पताल से मरीजों को अक्सर इसी तरह लाया जाता है। इसकी शिकायत की जाएगी। इस संबंध में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि रेफर लेटर बनवाकर स्टाफ के साथ महिला को मेडिकल भेजने के निर्देश दिए गए थे। अगर किसी तरह की लापरवाही हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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गौरतलब है कि मंगलवार को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने आई महिला ने डॉक्टर से झड़प होने पर बाहर जाकर बिजली का तार पकड़ लिया था। वह बुरी तरह झुलस गई थी। महिला वहीं पड़ी तड़पती रही थी। लेकिन किसी ने भी उसे भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई थी। बाद में उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया था और शाम में मेडिकल भेज दिया गया था।
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आयोग की सदस्य ने जाना हाल
मेरठ। राज्य महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने झुलसी महिला का हाल जाना। हालांकि बेहोश होने के कारण वह उससे बात नहीं कर सकीं। नर्स और स्टाफ से उन्होंने बातचीत की। हालांकि जब उन्होंने पूछा कि कौन चिकित्सक इन्हें देख रहे हैं तो स्टाफ इसका जवाब नहीं दे सका। इस दौरान कंकरखेड़ा थाने के प्रभारी भी मौजूद रहे।
सदस्य राखी त्यागी बर्न वार्ड के बाहर गंदगी देख नाराज हुई। इस पर स्टाफ ने बताया कि यह सर्जरी वार्ड है, जिसमें से एक रूम को बर्न वार्ड की तरह बनाया गया है। यहां एक अलग से बर्न वार्ड बनाया जाएगा। इस पर सदस्य का कहना था कि बर्न वार्ड नहीं भी है तो सफाई तो की ही जा सकती है। वह इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजेंगी। साथ ही जिला अस्पताल की काफी शिकायतें मिली हैं, वह किसी दिन औचक निरीक्षण भी करेंगी।
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सीटी स्कैन फ्री न करने पर किया था हंगामा
मेरठ। कंकरखेड़ा निवासी इस महिला ने 19 दिसंबर 2017 को सीटी स्कैन फ्री न करने पर मेडिकल कॉलेज में प्रमुख अधीक्षक के कार्यालय में हंगामा किया था। उसने खाली पड़े कार्यालय को अंदर से बंद कर लिया था और कहा था कि उसका सीटी स्कैन फ्री कराओ, उसके पास पैसे नहीं हैं। नहीं तो वह खिड़की से कूद जाएगी। सीटी स्कैन फ्री करने पर ही उसने गेट खोला था।
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