मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए लाई गई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना ही रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। इस प्रोजेक्ट की रफ्तार में कई रोड़े अटके हैं। पिछले दस दिनों में चुनाव की वजह से काम नहीं हो सका। मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित मोहिउद्दीनपुर के पास चल रहे काम की गति धीमी नजर आई। वहीं जमीन अधिग्रहण का मामला भी अभी तक सुलझ नहीं सका है। इन सबके बीच तय समय में प्रोजेक्ट पूरा होने के आसार नहीं है।
खुर्जा से सहारनपुर के बीच वाया मेरठ होकर साल 2021 तक ट्रैक डाला जाना है। खुर्जा से बुलंदशहर के बीच चल रहे इस कॉरिडोर पर ट्रैक फाउंडेशन तैयार हो चुका है। लेकिन आगे का काम अस्त-व्यस्त है। पिछले एक साल से किसानों के मुआवजे का पेच फंसा है। इस पर अपर आयुक्त ने कमिश्नर को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इस कारण पांचली खुर्द के पास भी ट्रैक का काम अटका है।
रेलवे की वजह से हुई देरी
मोहिउद्दीनपुर के पास हो रहे निर्माण कार्य के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के इंजीनियर रेलवे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रेलवे लाइन के ऊपर फ्रेट कॉरिडोर के ओवरब्रिज का काम होना था। इसके लिए यहां से गुजर रहे रेलवे लाइन के सिग्नल तारों को हटाने के लिए रेलवे से अनुमति मांगी गई थी। इसमें करीब दो माह का समय लगा। रेलवे टीम में खुद आकर उन्हें वहां से हटाया है। सूत्रों के मुताबिक अब वहां कार्य शुरू कराया जाएगा।
अभी यह किया गया काम
मेरठ स्थित दिल्ली रोड पर चल रहे निर्माण में अभी तक नींव डालने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि काम को शुरू हुए कई महीने हो गए हैं। साइट पर मौजूद इंजीनियरों का कहना है नींव के बाद पिलर खड़े होने का काम होना है। इसकी कोई तिथि नहीं तय की गई है।
मेरठ में यहां से गुजरेगा
सहारनपुर की तरफ से आते हुए रेलवे ट्रैक सकौती टांडा, पावली खास, मेरठ सिटी, कैली होते हुए हापुड़ पहुंचेगा। जहां से वह दादरी होते हुए बुलंदशहर जिले के खुर्जा तहसील पहुंचेगा।
अमर उजाला कर चुका खुलासा
अमर उजाला ने दो मार्च के अंक में किसानों के मुआवजे में 19 करोड़ रुपये की गड़बड़ी को प्रकाशित किया था। तत्कालीन कमिश्नर डा. प्रभात कुमार के समय से चले आ रहे इस मामले में कोई हल नहीं निकल सका है। अभी भी किसान मुआवजे की आस में बैठे हैं। कमिश्नर अनीता मेश्राम का कहना है कि इस मामले में तीन जनवरी 2019 को कमेटी बनाई गई है। सभी किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।
प्रोेजेक्ट पर एक नजर
रूट - पश्चिम बंगाल से वाया मेरठ, लुधियाना तक
कुल किलोमीटर - 1856
कब तक तैयार होना है - 2021