फाइलों में ही गुम हो गए सुंदर पार्क और झूले
सरकार के निर्देश पर दो साल में केवल पार्कों की डीपीआर ही तैयार कर पाया नगर निगम प्रशासन
गंगानगर, जागृति विहार, पल्लवपुरम, राधा गार्डन के पार्कों में होने हैं विकास कार्य
मेरठ। सरकार भले ही महानगर की जनता को सुंदर पार्क और स्वस्थ वातावरण देना चाहती हो, लेकिन सरकारी मशीनरी इसमें लापरवाही कर रही है। अमृत योजना के तहत शहर के चार पार्क विकसित किए जाने थे। लेकिन दो साल में नगर निगम प्रशासन केवल पार्कों की डीपीआर ही बना सका। अब डीपीआर आचार संहिता में फंस गई है। चुनाव बाद ही इस पर काम होने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने 2017 से 2022 तक के लिए सरकार ने अमृत योजना संचालित की। जिसमें शहरों के कुछ पार्कों में निर्माण कार्य किए जाने हैं। सरकार के आदेश पर नगर निगम में कितना काम हुआ। इसकी सच्चाई नगर धरातल पर देखी जा सकती है। कहने को तो निगम प्रशासन ने शहर के चार पार्कों की डीपीआर तैयार की। जिसको निगम प्रशासन भारत सरकार को भेजने की बात कर रहा है। इसमें कितनी सच्चाई है। यह तो निगम प्रशासन ही जान सकता है। लेकिन इतना जरूर है कि पार्कों के विकास पर ग्रहण लग गया है।
चार करोड़ 74 लाख में होंगे कार्य
अमृत योजना के तहत चयनित शहर के चार पार्कों का सौंदर्यीकरण चार करोड़ 74 लाख रुपये से किया जाएगा। निगम प्रशासन ने डीपीआर बनाकर चुनाव से पहले सरकार को भेज दी थी। हालांकि अभी तक सरकार से पार्कों के लिए बजट नहीं मिला है।
कई होंगे विकास कार्य
नगर निगम प्रशासन ने डीपीआर में शहर के गंगानगर, राधा गार्डन, जागृति विहार, पल्लवपुरम के एक-एक पार्क को शामिल किया है। इन सभी पार्कोँ की चारदीवारी, पथ मार्ग बनाए जाने हैं। साथ ही पार्कों में ओपन जिम, झूले, लाइट, फव्वारा आदि लगाए जाएंगे। सभी पार्क हरियाली से हरे भरे होंगे, ताकि पार्कों में घूमने वाली जनता को शुद्ध हवा और समुचित आक्सीजन मिल सकेगी।
काम न होेने पर लोगों में गुस्सा
पार्कों के सौंदर्यीकरण में देरी से लोगों में गुस्सा है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने पल्लवपुरम पार्क का जायजा लिया तो स्थानीय लोगों का दर्द भी सामने आ गया। स्थानी निवासी पदमेंद्र सिंह, अभिषेक गुर्जर, रिंकू चौधरी और विनोद आदि ने कहा कि अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। जनता को सुविधा नहीं मिल रही हैं। अगर समय रहते निगम प्रशासन सरकार को डीपीआर सौंप देता तो चुनाव से पहले ही पार्कों का सौंदर्यीकरण हो जाता।
पिछले माह भेजी थी डीपीआर
डीपीआर सरकार को पिछले माह ही भेज दी गई थी। आचार संहिता खत्म होते ही डीपीआर स्वीकृत हो जाएगी। सभी तैयारियां पूरी हैं। चार पार्कों में विकास कार्य किए जाएंगे। - जितेंद्र कैन, चीफ इंजीनियर नगर निगम