चीन के राष्ट्रवाद आंदोलन को नहीं पढ़ेंगे छात्र
सीबीएसई ने बदला 10वीं बोर्ड का सिलेबस, सामाजिक विज्ञान के पेपर में घटाए चैप्टर
मेरठ। सीबीएसई दसवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान में छात्र अब इंडो चीन के राष्ट्रवाद आंदोलन को नहीं पढ़ेंगे। भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा विवाद का असर शिक्षा पर भी आ रहा है। सरकार नहीं चाहती कि भारतीय छात्र चीन से जुड़ी किसी प्रेरणात्मक कहानी या युद्ध को पढ़ें। इसलिए बोर्ड ने इस सत्र से दसवीं सामाजिक विज्ञान विषय में चीन के राष्ट्रवाद आंदोलन के पाठ को हटा दिया है। सीबीएसई अब छात्रों को सारगर्भित शिक्षा देने पर काम कर रहा है। इसी उद्देश्य को पूरा करते हुए बोर्ड ने इस वर्ष सभी विषयों का सिलेबस बदला है। बोर्ड ने 12वीं व 10वीं दोनो ंकक्षाओं के सभी विषयों से चैप्टर कम किए हैं।
सामाजिक विज्ञान में बोर्ड ने किए ये बड़े बदलाव
सामाजिक विज्ञान में छात्र चार विषय इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र व लोकतांत्रिक राजनीति पढ़ते हैं। बोर्ड ने इन सभी विषयों में कुछ तब्दीली की है। इतिहास में यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय एवं भारत में राष्ट्रवाद का उदय आवश्यक रूप से पढ़ाया जाएगा। इंडो चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन, काम आराम और जीवन, उपन्यास समाज और इतिहास से हटा दिए हैं। शेष तीन पाठों में से भूमंडलीकरण विश्व का बनना, औद्योगीकरण का युग व मुद्रण, संस्कृति व आधुनिक दुनिया में से कोई एक पाठ पढ़ाया जाएगा। अभी तक पांच में से दो की च्वाइस थी। लेकिन अब इसको घटाकर तीन में से किसी एक पाठ को पढ़ने का विकल्प दे दिया है। इतिहास में पहले आठ चैप्टर थे, अब बोर्ड ने तीन हटा दिए हैं। पांच बचे हैं इन पांच में से दो कंपलसरी हैं और तीन में से कोई एक करना है। इसी तरह भूगोल में कुल सात चैप्टर है इन सातों में से दो पाठ, चैप्टर संख्या दो और तीन को भी हटाया है। लोकतांत्रिक राजनीति में पाठ तीन व पाठ पांच व पाठ आठ ये भी केवल इंटरनल परीक्षा में आएंगे, लेकिन बोर्ड परीक्षा में नहीं आएंगे। इस तरह से इन तीनों चैप्टर को भी हटाया है। अर्थशास्त्र में पांच चैप्टर थे आखिरी चैप्टर उपभोक्ता अधिकार को प्रैैक्टिकल व प्रोजेक्ट वर्क में दे दिया है, इसमें से भी बोर्ड परीक्षा में प्रश्न नहीं आएंगे। पूरे सामाजिक विज्ञान में 22 चैप्टर थे इसमें से अब 9 को हटा दिया है। 13 चैप्टर ही पढ़ना होगा।
भूूगोल, अर्थशास्त्र से हटाए ये टॉपिक
इतिहास की तरह बोर्ड ने भूगोल से वन एवं वन्य जीव व जल संसाधन में च्वाइस दी है। अर्थशास्त्र में पाठ पांच उपभोक्ता अधिकार को भी बोर्ड ने हटाया है। यह पाठ केवल प्रोजेक्ट में फाइल बनाने के विषय के रूप में चुना जाएगा। लोकतांत्रिक राजनीति में पाठ संख्या तीन में लोकतंत्र और विविधता एवं पाठ लोकप्रिय संघर्षों व आंदोलन व लोकतंत्र की चुनौतियां इन तीनों पाठों से केवल इंटरनल में प्रश्न आएंगे।
महत्वपूर्ण किए बदलाव
बोर्ड ने पेपर पैटर्न, सिलेबस में बदलाव किया है। 29 प्रतिशत प्रश्न स्मृति पर आधारित आएंगे, वेटेज भी बढ़ाया है। 20 प्रतिशत प्रश्न एप्लीकेशन पर आधारित होंगे। 6.5 प्रतिशत निर्माण के प्रश्न होंगे। पेपर के साथ प्रैक्टिकल भी होगा। बोर्ड ने छात्रों की सहूलियत के हिसाब से महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। - सिम्मी सिंह, शिक्षिका सोशल साइंस केवी सिख लाइंस