- एनसीआरटीसी ने वेबसाइट पर शुरू की आवेदन प्रक्रिया
- प्रोजेक्ट शुरु करने से पहले विशेषज्ञों की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर को समय से पूरा करने के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से विशेषज्ञों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक 16.5 किलोमीटर का निर्माण कार्य कि या जाना है। इसी को देखते हुए एनसीआरटीसी ने नौकरियों का पिटारा खोला है। पिछले सप्ताह एचआर प्रोफेशनल के लिए आवेदन मांगे गए थे। लेकिन इस बार बीटेक प्रोफेशनल से लेकर टनल, अंडरग्राउंड स्टेशन आदि के लिए विशेषज्ञ मांगे हैं।
82 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर मेरठ की सीमा में अंडरग्राउंड स्टेशनों का निर्माण कार्य किया जाना है। इसके लिए एलाइनमेंट का कार्य शुरू कर दिया गया है। फाइनल एलाइनमेंट बनाने के लिए सिविल इंजीनियरों की जरूरत होगी। इसी को देखते हुए टनल, अंडरग्राउंड स्टेशन, ट्रैक, फ्लाईओवर के लिए विशेषज्ञों की जरूरत है। एनसीआरटीसी ने एडमिनिस्ट्रेश्रन, सेफ्टी और प्लानिंग के लिए भी इंजीनियर की मांग की है। इसके लिए 25 मार्च अंतिम तिथि तय की गई है। इससे आवेदक एनसीआरटीसी वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया को जान सकें। वहीं, सिविल के लिए इंजीनियर की वेकेंसी निकाली गई हैं।
आईटी प्रोफेशनल से लेकर एकाउंटेंट की जरूरत
एनसीआरटीसी ने अपनी आवेदन प्रक्रिया में आईटी प्रोफेशनल से लेकर एकाउंटेंट मांगे हैं। इनके लिए अधिकतम दो साल का अनुभव मांगा गया है। वही डिप्लोमा और डिग्री की जरूरत होगी। इसके अलावा जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के लिए भी आवेदन मांगे गए हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को रैपिड रेल के ओवरहेड कार्य करने के लिए जरूरत पड़ेगी।
आर्किटेक्ट और डिजाइन के लिए मैनेजर
टनल, स्टेशन और फ्लाईओवर के डिजाइन के लिए असिस्टेंट मैनेजर, जनरल मैनेजर डिजाइन, आर्किटेक्ट मैनेजर के लिए भी आवेदन हैं। इसके लिए भी अधिकतम अनुभव सीमा दो से चार साल तय की गई है। वहीं, आवेदनों की अंतिम तिथि 25 मार्च तय की गई है।