अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव पांचली बुजुर्ग में राशन वितरण की दुकान को पिछले काफी दिनों से निरस्त हुए राशन डीलरों के विरुद्ध जांच पूरी होने के बाद राशन डीलरों की सेवाएं पूर्ण रूप से समाप्त कर दी गई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर गांव में राशन की दुकान के आवंटन के लिए चुनाव होना था। इस मामले में जिलाधिकारी तीन बार चुनाव कराने के लिए तारीख तय कर चुके हैं। इस बार भी दो मार्च निर्धारित की गई थी। सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और अधिकारियों के पहुंचने की बाट जोहती रही। हालांकि ब्लॉक से कोई भी अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा।
सरूरपुर ब्लॉक के गांव पांचली बुजुर्ग में पिछले दिनों राशन डीलरों पर धांधली का आरोप लगा था ग्रामीणों ने मौके से कालाबाजारी किए जा रहे राशन भी बरामद कर आया था। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर जांच टीम गठित की गई और मामले की जांच में दोनों राशन डीलर पर आरोप सिद्ध हो गए। इस मामले में डीएम के आदेश पर गांव में खुली बैठक कर राशन वितरण की दुकान के लिए चुनाव कराया जाना था। सरूरपुर ब्लॉक के अधिकारियों ने लगातार तीन बार चुनाव के तारीख तय की। इस बार भी दो मार्च को चुनाव कराने के संबंध में ग्राम सचिव अधिकारी ने ग्राम पंचायत की बैठक में वीडियो जारी किया। लेटर की कॉपी दी और दो मार्च को चुनाव कराने की बात कही। वहीं, दो मार्च की सुबह से ही पंचायत भवन पर ग्रामीणों ही भीड़ जमा जो गई। बारिश और ठंड के बावजूद लोग चुनाव होने के इंतजार में दोपहर तक पंचायत भवन पर डटे रहे। ब्लॉक से कोई भी अधिकारी चुनाव कराने नहीं पहुंचा। इस संबंध में कोई सूचना दी इसके बाद ग्राम प्रधान पति शहजाद ने ब्लॉक पहुंचकर चुनाव नहीं कराने के कारणों की जानकारी। सरूरपुर ब्लॉक के बीडीओ डॉ. वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बिना उनके संज्ञान के ही पंचायत अधिकारी ने चुनाव की तारीख तय कर दी। इस संबंध में ग्राम प्रधान ने पंचायत अधिकारी द्वारा दिए गए लेटर की वीडियो दिखाई। इस पर बीडीओ का साफ कहना है कि लेटर पर उनके साइन नहीं है। इस संबंध में बीडीओ का कहना है कि पंचायत सचिव से जवाब-तलब किया जाएगा। वहीं, चुनाव में होने से नाराज ग्रामीणों ने अधिकारियों पर भाजपा नेताओं के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
मुख्य बातें
राशन डीलरों के चुनाव के लिए सुबह से ही एकत्र हो गए थे ग्रामीण
नाराज ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं पर दबाव बनाने का लगाया आरोप