91 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी हेमंत कुमार का निधन
मेरठ। गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलनों में भाग लेने वाले 91 वर्षीय हेमंत कुमार का मंगलवार सुबह निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए घर लाया गया। निधन की जानकारी पर सैकड़ों लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। हेमंत कुमार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद् के अध्यक्ष थे।
जेलचुंगी चौराहे के पास विक्टोरिया पार्क निवासी हेमंत कुमार अपने बेटे गिरीश कुमार के साथ रहते थे और व्यापार में हाथ बंटाते थे। बेटे गिरीश कुमार के मुताबिक सोमवार शाम को वह ऑफिस से लौटेे तो उनकी तबियत खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें जसवंत राय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक मंगलवार सुबह सात बजे तक भी उन्होंने सभी से बात की। फिर करीब 9 बजे से उनकी तबियत बिगड़ती चली गई और 9:30 बजे निधन हो गया।
परिजनों के अनुसार हेमंत कुमार का जन्म 1927 में हुआ था। उनके पिता प्रो. कृष्ण चंद 1921 में गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलनों से जुड़ गए थे। जिसमें वह कई बार जेल भी गए। परिवार में पिता, माता शांति देवी, बड़ी बहन चारु शीला को देश की आजादी के लिए लड़ते देखा तो हेमंत कुमार भी काफी कम उम्र में आंदोलनों से जुड़ गए। उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण चंद 1937 से 1952 तक वृंदावन क्षेत्र में विधायक रहे। इसके बाद जीवन पर्यंत सांसद रहे। बहन चारू शीला मुजफ्फरनगर से विधायक रहीं और समाजसेवा करती रहीं।
इटमा के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई
स्वतंत्रता सेनानी हेमंत कुमार की शादी उर्मिला से हुई थी। उनके इकलौते पुत्र गिरीश कुमार हैं। गिरीश इंजीनियर हैं और साईं इलेक्ट्रिकल्स इंडस्ट्री चलाते हैं। उनकी पत्नी रेखा गृहणी हैं। दो बेटियां व एक बेटा आयुष कुमार हैं जो बिजनस संभालते हैं। गिरीश कुमार के मुताबिक उनके पिता अखिल भारतीय लघु उद्यमी संगठन नेशनल एलायंस ऑफ यंग एंटरप्रिन्योर (नाय) के अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश इंडियन इंडस्ट्रीज ऐसोसिएशन (आईआईए) को 36 जिलों में संगठित किया। उत्तर प्रदेश के ट्रांसफार्मर मेन्यूफैक्चरर्स का संगठन यूपी ट्रांसफार्मर्स इंडस्ट्रीज फोरम बनाया। वहीं इंडियन मेन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (इटमा) के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई और प्रथम वाइस प्रेसीडेंट रहे। इसके अलावा मेरठ इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट फोरम को एक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में संगठित किया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद का किया गठन
स्वतंत्रता सेनानी हेमंत कुमार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद् के गठन में विशेष सहयोग किया। जिसमें वह शुरू से ही अनेक पदों पर रहे। वर्तमान में वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद् के वर्तमान अध्यक्ष थे। वहीं श्री सत्य साईं संगठन को उत्तर प्रदेश में संगठित करने का कार्य किया और अध्यक्ष भी रहे।
जब हेमंत कुमार ने चलाए कई आंदोलन
बेटे गिरीश कुमार के मुताबिक पिता हेमंत कुमार ने अपने जीवन में दिए गए सहयोगों, कार्यों का किसी के सामने ज्यादा जिक्र नहीं किया। वह केवल कार्य पूरा करने पर विश्वास रखते थे। जब वह 15 साल के थे उस वक्त अंग्रेजी हुकूमत बड़े नेताओं को जेल भेजकर उन्हें यातनाएं देकर आंदोलन को खत्म करना चाहती थी। जिसमें काफी संख्या में वरिष्ठ नेता जेल भेज दिए गए। उस वक्त हेमंत कुमार ने मुख्य रूप से कमान संभाली थी। कई बार अंग्रेजों से सामना हुआ। यहीं नहीं उन्हें भी एक वर्ष का कठोर कारावास काटना पड़ा।
सूरजकुंड पर हुआ अंतिम संस्कार
स्वतंत्रता सेनानी हेमंत कुमार के निधन की जानकारी जैसे ही लोगों को मिली तो सैकड़ों लोग उनके परिवार को सांत्वना देने घर पहुंच गए। सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी पहुंचे। शाम के समय सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी मुकेशचंद ने राष्ट्रीय ध्वज, पुष्प चक्र दिया। अंतिम संस्कार आर्यसमाज विधि से हुआ। इस दौरान दिनेश सिंघल, आशीष वार्ष्णेय, मेनपाल सिंह एनएस जैन, धर्म दिवाकर आदि मौजूद रहे।