निगम के ठेकेदारों को अवैध वसूली का लाइसेंस
मेरठ। शहर की जनता को वाहन पार्किंग की सुविधा देने के नाम पर भी नगर निगम प्रशासन के कार्य आदेश में खेल कर दिया गया। यानी वाहन पार्किंग ठेकेदारों को वाहन शुल्क वसूली के रेट भी बदल दिए। जिससे जहां जनता के साथ ठगी हो रही है। वहीं ठेकेदार और निगम के कुछ लिपिकों में साठगांठ की भी पोल खुल रही है। शहर में आठ स्थानों पर इसी आदेश पर अवैध वसूली हो रही है।
इन स्थानों पर छोड़ा ठेका
नगर निगम प्रशासन ने मार्च माह में शहर के दस स्थानों पर वाहन पार्किंग का ठेका निकाला था। जिसमें से आठ स्थान, टाउन हॉल पार्किंग, सुपरटेक शॉप्रिक्स मॉल, कैलाशी अस्पताल, मूलचंद शर्बती देवी अस्पताल, सूरजकुंड, एपेक्स टावर आदि स्थानों पर वाहन पार्किंग का ठेका दिया था। सभी ठेकेदारों को कार्य आदेश जारी किया गया।
स्कूटर, बाइक से 20 रुपये वसूली
नगर निगम के कार्य आदेश के मुताबिक ठेकेदारों ने मोटर साइकिल और स्कूटर से पार्किंग शुल्क 20 रुपये की वसूली करनी शुरू कर दी। जबकि नगर निगम की तरफ से बाइक और स्कूटर का पार्किंग शुल्क मात्र 10 रुपये निर्धारित किया गया है।
ये थे वाहन शुल्क के सही रेट
साइकिल - पांच रुपये,
बाइक, स्कूटर - 10 रुपये
कार - 30 रुपये
निगम के कार्य आदेश में जारी रेट
साइकिल - पांच रुपये,
बाइक, स्कूटर - 20 रुपये,
कार - 30 रुपये
अवैध वसूली पर होगी कार्रवाई
कार्य आदेश जारी करते समय लिपिक ने गलत वाहन शुल्क अंकित कर दिया था। जिसके आधार पर ठेकेदारों ने वसूली शुरू कर दी थी। जानकारी होने पर उस आदेश को वापस करा दिया गया है। वाहन पार्किंग सहायक प्रभारी राजीव चौहान को इसकी मॉनिटरिंग में लगाया हुआ है। फिर भी अगर कोई ठेकेदार जनता से अवैध वसूली करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी/वाहन पार्किंग प्रभारी, नगर निगम
दूसरे पत्र पर अमल
कई साल से टाउन हॉल पार्किंग का ठेका चला रहे हैं। पूर्व में भी बाइक, स्कूटर का पार्किंग शुल्क 20 रुपये ही रखा गया था। उसी के आधार पर हमें कार्य आदेश मिला था। अब दोबारा से पत्र मिला है। उस पर अमल शुरू कर दिया है। -सरवत चौधरी, ठेकेदार
खास बातें:
- निगम प्रशासन के कार्य आदेश में खेल, पार्किंग ठेकेदारों को अवैध वसूली का ठेका
- वाहन शुल्क के रेट भी कर दिए परिवर्तित, अब दोगुने वसूल रहे