पानी के लिए हैंडपंप भी नहीं दिलवा पाए विधायक जी
मेरठ। पेयजल के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप लगवाने की संस्तुति सिर्फ अब विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के माध्यम से ही होती है। इसके लिए प्रत्येक विधायक को इस बार मुख्यमंत्री ने अपने-अपने क्षेत्र में 100-100 हैंडपंप लगवाने की घोषणा करते हुए जल निगम को धनराशि अवमुक्त की थी। लेकिन वित्तीय वर्ष व एक साल पूरा होने के साथ विधायक अभी तक अपने क्षेत्र में इस कोटे को पूरा नहीं कर पाए हैं। जबकि गर्मी के साथ पेयजल की मांग बढ़नी शुरू हो चुकी है।
जिले में पानी का संकट है। जल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में सिर्फ इंडिया मार्का-2 हैंडपंप के माध्यम से ही ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हो पाती है। इन हैंडपंप को लगाने के लिए सार्वजनिक स्थल चिह्नित करके विधायकों द्वारा प्रस्ताव जल निगम को भेजा जाता है। जहां जल निगम अपने ठेकेदारों के माध्यम से हैंडपंप लगवाते हैं। इन हैंडपंप के लिए शासन से जल निगम को बजट स्वीकृत होकर आ चुका है और लगातार विधायकों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। लेकिन विधायकों की रुचि हैंडपंप में लगवाने में नजर नहीं आयी।
किठौर विधायक के आए सबसे ज्यादा प्रस्ताव
जनपद के देहात क्षेत्र से जुडे़ पांच विधायकों ने हैंडपंप के जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनमें किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी सबसे ऊपर हैं। सत्यवीर त्यागी ने अब तक 54 हैंडपंप के प्रस्ताव भेजे हैं। जबकि सिवालखास विधायक जितेंद्र पाल सिंह ने 47, हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक ने 31 और दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर ने 22 हैंडपंप के प्रस्ताव भेजे हैं। लेकिन सरधना विधायक ठा. संगीत सोम का मात्र एक हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव ही अभी तक जल निगम को प्राप्त हुआ है। वहीं एमएलसी आशु मलिक ने भी जहां एक हैंडपंप का प्रस्ताव भेजा है। जबकि बसपा से एमएलसी अतर सिंह राव ने करीब 19 हैंडपंपों के प्रस्ताव सीडीओ आफिस भेजे थे। लेकिन ये प्रस्ताव शहरी क्षेत्र में होने के कारण सीडीओ ऑफिस से लौटा दिए गए।
खास बातें:
100-100 हैंडपंप प्रत्येक विधायक को लगाने थे अपने निर्वाचन क्षेत्र में
07 में से एक भी विधायक ने पूरा नहीं किया वित्तीय वर्ष में यह कोटा पूरा
शासन से जल निगम को जारी हो चुका है सभी हैंडपंपों का बजट