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शराब की बिक्री की लाटरी में आया नाम तो खिले चेहरे

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शराब बिक्री की लाटरी में आया नाम तो खिले चेहरे
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मेरठ। आबकारी की बदली नीति के तहत सोमवार को जिले की 383 शराब व बीयर की दुकानों का आवंटन हुआ। करीब दस साल बाद प्रदेश में आबकारी विभाग सिंडिकेट के चुंगल से मुक्त हुआ और ई-लाटरी के माध्यम से आम आदमी को शराब बिक्री का लाइसेंस मिला।
कलक्ट्रेट स्थित बचत भवन के भीतर और बाहर स्क्रीन पर इस ई-लाटरी के परिणाम घोषित हुए। जैसे-जैसे आवेदनकर्ताओं के नाम ई-लाटरी में आते रहे, वैसे-वैसे उनके चेहरे खिलते गए। ई-लाटरी के माध्यम से किसी को एक दुकान मिली तो किसी को दो दुकानें मिलीं। तमाम ऐसे भी रहे, जिनको मायूसी हाथ लगी।
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दरअसल प्रदेश में साल 2008 में बसपा शासन काल में शराब की बिक्री सिंडिकेट के हाथों में आ गयी थी। जिससे आम आदमी शराब के व्यापार से दूर हो गया था। सपा शासन में भी यही व्यवस्था बहाल रही। यहां तक कि सपा सरकार ने तो जाते-जाते वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले ही शराब सिंडिकेट के हवाले एक अतिरिक्त साल कर दिया। जिससे योगी सरकार को एक साल तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन इस वित्तीय वर्ष के लिए योगी सरकार ने आबकारी नीति बदली और आम आदमी के लिए भी शराब बिक्री के व्यापार से जुड़ने के रास्ते खोल दिए। बदली नीति के तहत शराब की दुकानों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन कराए गए। जिसमें यह भी बाध्यता रखी कि एक व्यक्ति को अकेले नाम पर सिर्फ एक ही दुकान आवंटित होगी, जबकि दूसरी दुकान वह साझेदार के रूप में ले सकता है। लेकिन इससे ज्यादा दुकानों का आवंटन नहीं होगा। इस योजना के तहत आए आवेदनों को सॉफ्टवेयर के माध्यम ई-लाटरी में शामिल कर दुकानों का आवंटन किया गया।
ई लाटरी की प्रक्रिया पहले 8 मार्च को प्रस्तावित थी। लेकिन सर्वर ठप होने के कारण प्रक्रिया निरस्त कर दी गयी। सोमवार शाम पांच बजे से ई-लाटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन शुरू हुआ। जिसमें देशी शराब की 180 दुकानों में से मात्र 100 के लिए आवेदन आये थे, जिसमें एक दुकान का आवेदन निरस्त हो गया था। ऐसे में 99 दुकानों के लिए आए 723 आवेदनों को ई-लाटरी के माध्यम से दुकानें आवंटित की गयी। वहीं, अंग्रेजी शराब की 105 में से 102 दुकानों के लिए कुल 1549 आवेदन आये थे, जिनका आवंटन हुआ। बीयर की 98 दुकानों में से 92 के लिए 341 आवेदन आये थे, इनका भी ई-लॉटरी से आवंटन हुआ। वहीं, 14 मॉडल शॉप के लिए सबसे ज्यादा जोर था, जिनके लिए लोग सिंडिकेट बनाकर आवेदन प्रक्रिया में उतरे थे, इसके लिए कुल 1140 आवेदन आये थे। इनका भी आवंटन कर दिया गया।
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आवंटन प्रक्रिया के दौरान जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और एसएसपी मंजिल सैनी के साथ एडीएम सिटी मुकेशचंद्र व जिला आबकारी अधिकारी एसपी सिंह आदि मौजूद रहे। एसपी सिंह ने बताया कि जो दुकानें रह गयी हैं, उनके लिए 21 मार्च को विज्ञापन जारी करते हुए 23 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे और 26 मार्च को ई लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा।

खास बातें:
कलक्ट्रेट में हुई देशी-अंग्रेजी शराब व बीयर की दुकानों की ई-लाटरी
किसी को मिली दो दुकान तो कोई रह गया बिल्कुल खाली
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