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पहले मुगल व अंग्रेजों ने बनाया गुलाम, अब हम नेताओं के गुलाम

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कंकरखेड़ा/मेरठ। आरक्षण किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं बल्कि जातपात के भेदभाव को खत्म कर सभी वर्गों के गरीब लोगों के लिए होना चाहिए।
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यह बात बुधवार को श्रद्धापुरी पार्क में पिछड़ा कल्याण वर्ग व दिव्यांग सशक्तिकरण मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कही। उन्होंने दलितों व पिछड़ों के लिए विशेष रुप से दिए जाने वाले आरक्षण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज के समय में देश में हर वर्ग में गरीब व मजदूर लोग हैं। जिन्हें आर्थिक रुप से व विभिन्न सेवाओं में आरक्षण की जरूरत है। ताकि वे अपने बच्चों को सही ढंग से पढ़ा सकें और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। इसलिए आरक्षण किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं होना चाहिए बल्कि प्रत्येक वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति के अनुसार होना चाहिए। शिक्षा का तकनीकीकरण होना चाहिए। बच्चों को इतिहास, भूगोल, समाज शास्त्र आदि पढ़ाने के साथ तकनीकी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। ताकि उन्हें रोजगार मिल सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रत्येक वर्ग के गरीब लोगों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाए। देश में विभिन्न जगहों पर हो रही सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर मंत्री ने कहा कि देश आजाद हुए 70 साल हो चुके हैं। लेकिन हम मानसिक रुप से आज भी गुलाम ही हैं। पहले मुगल व फिर अंग्रेजों ने हम पर राज किया। आज देश के नेताओं ने हमें जातियों व धर्मों में बांटकर गुलाम बना रखा है। नेता जब चाहें जैसे चाहें वैसे लोगों को जाति व धर्म के नाम पर लोगों को बरगला कर उनका वोट हासिल करके उन्हें गुलाम बना लेते हैं। हमें नेताओं की राजनीति को समझना चाहिए। बिना भेदभाव किए सही नेता का चुनाव करना चाहिए। तभी जाकर देश को सही नेता मिलेंगे। इस दौरान हरेंद्र सिंह, ऋषिपाल सिंह, अंकुश चौधरी, रमेश चंद यादव, प्रथम अग्रवाल, अंकुर यादव, अतुल मलिक, ऐश्वर्य सिंह एडवोकेट, नरेंद्र कुमार, डॉ. सोहन पाल, एडवोकेट अमर पाल राणा, कुलदीप सिंह, विनोद कौशिक आदि मौजूद रहे।
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नेता या विधायक नहीं करते गरीबों की मदद
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रत्येक विधायक की निधि में 25-25 लाख रुपये अपने-अपने क्षेत्र में गरीबों के इलाज के लिए आते हैं। उनमें से वह पांच हजार से लेकर 05 लाख रुपये तक जरूरत के अनुसार किसी गरीब के इलाज में लगा सकता है। लेकिन कोई नेता या विधायक नहीं लगाता। कहीं ऐसा भी नहीं कि पांच सौ रुपये भी किसी गरीब या बेसहारा के इलाज में खर्च कर दे। सब हजम कर जाते हैं।
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हाईकोर्ट बेंच की बेहद आवश्यकता
कैबिनेट मंत्री ने हाईकोर्ट बेंच को लेकर कहा कि वेस्ट यूपी के लोगों को हाईकोर्ट बेंच की बेहद आवश्यकता है। इसलिए उन्होंने उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल अलग बनाने की मांग की थी। हर हाल में यहां हाईकोर्ट बेंच होनी चाहिए।
खास बातें:
पहले मुगल व अंग्रेजों ने बनाया गुलाम अब हम नेताओं के गुलाम
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