मेरठ। गन्ना क्रय केंद्रों पर चल रही घटतौली और अधिकारियों द्वारा चेकिंग नहीं करने की शिकायत शासन तक पहुंच गई है। मामले की जांच करने के लिए पहुंचे प्रमुख सचिव गन्ना संजय आर भूसरेड्डी द्वारा सेंटरों को चेक करने के बाद गन्ना विभाग की कुंभकरणी नींद खुल गई है। चुनाव का बहाना बनाकर सेंटरों पर चेकिंग नहीं कर रहे अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। रविवार को भी टीमों ने कई जगह पहुंचकर सेंटरों की जांच की।
गन्ना पेराई सत्र 2017-18 शुरू हुए करीब डेढ़ महीना हो चुका है। तब से ही किसान गांव में लगे गन्ना सेंटरों पर घटतौली की शिकायत करने में लगे हैं। जिलाधिकारी ने एसडीएम सरधना व एसडीएम मवाना के नेतृत्व में गन्ना व बाट एवं माप विभाग की संयुक्त जांच टीम भी गठित कर दी थी। लेकिन निकाय चुनाव के चलते टीमों ने सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी नहीं की। इसका पूरा फायदा शुगर मिलें उठाती रहीं। किसान सेंटरों पर घटतौली होेने की शिकायत करते रहे।
मीडिया में खबर छपने के बाद मामला शासन तक पहुंचा तो शनिवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव गन्ना एवं गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने हापुड़ में अचानक पहुंचकर हड़कंप मचा दिया था। उप गन्ना आयुक्त को साथ लेकर उन्होंने गांव बदरखा में लगे सिंभावली शुगर मिल के गन्ना सेंटर को चेक किया था। चेकिंग में कांटा तो सही मिला। लेकिन वहां मौजूद किसानों ने घटतौली होेने के साथ ही डाले गए गन्ने का भुगतान नहीं होने की शिकायत की थी। इस पर उन्होंने वहीं मौके पर उप गन्ना आयुक्त व मिल प्रतिनिधियों को शिकायतों का निस्तारण कराने और 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने की हिदायत दी थी। गन्ना आयुक्त के औचक निरीक्षण के बाद गन्ना विभाग भी हरकत में आ गया है। मंडल के जिला गन्ना अधिकारियों समेत गन्ना विकास समिति कर्मियों ने निकलना शुरू कर दिया है। हालांकि उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह चुनाव के समय भी सेंटरों की चेकिंग में लगे रहे थे।
अब निकलेगी टीमें
प्रमुख सचिव गन्ना के निरीक्षण और हड़काने के बाद बनाई गई टीमों ने निकलना शुरू कर दिया है। गन्ना सूत्रों का कहना है कि अब ये टीमें लगातार छापामारी करेंगी। सोमवार से अभियान तेज कर दिया जाएगा।
सेंटरों पर हो रहा निर्देशों का उल्लंघन
सरकार ने गन्ना सेंटरों पर किसानों को तमाम सुविधाएं देने यानी पीने के लिए पानी, किसानों के लिए आराम करने की व्यवस्था के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौल होने और घटतौली चेक करने के लिए सेंटर पर पांच कुंतल के मानक बाट रखने के आदेश दिए गए थे। लेकिन कुछ सेंटरों को छोड़कर बाकी सेंटरों पर हालत खराब है। किसी ने भी निर्देशों का पालन नहीं किया है।
घटतौली बर्दाश्त नहीं होगी
उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह का कहना है कि चुनाव के चलते छापेमारी अभियान कुछ धीमा हो गया था। लेकिन अब इसे फिर से तेज कर दिया गया है। सेंटरों की लगातार चेकिंग कराई जा रही है। घटतौली मिली तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
खास बातें:
- प्रमुख सचिव गन्ना संजय आर भूसरेड्डी ने औचक निरीक्षण से तोड़ी विभाग की सुस्ती
- चुनावी बहाना बनाकर अधिकारी नहीं कर रहे गन्ना क्रय केंद्रों पर छापेमारी
- प्रमुख सचिव गन्ना ने हापुड़ क्षेत्र में कई सेंटरों को किया था चेक