नीट: प्रपत्रों की जांच के लिए हुई मारामारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के तहत प्रपत्रों की जांच के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को खूब मारामारी रही। टोकन के लिए स्टूडेंट्स में धक्कामुक्की हुई, वहीं बाहर इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के परिजनों ने हंगामा कर दिया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी।
आखिरी दिन 1238 अभ्यर्थियों केप्रपत्रों की जांच हुई। पांच दिनों में कुल 5164 अभ्यर्थियों केप्रपत्रों की जांच हुई। इसके बावजूद सैकड़ों अभ्यर्थी ऐसे रह गए, जिनके किसी न किसी कारण से प्रपत्रों की जांच नहीं पाई। इनमें कुछ ऐसे थे, जिनके मूल प्रमाण पत्र नहीं बने हुए थे। कई के कागजों में त्रुटियां थीं। इसकेअलावा अव्यवस्था हो जाने के कारण भी कुछ अभ्यर्थियों को बिना प्रपत्रों की जांच वापस जाना पड़ा। अंतिम दिन 2000 से ज्यादा अभ्यर्थी और उनकेपरिजन पहुंचे थे। इससे व्यवस्था चरमरा गई। जिस ऑडिटोरियम में प्रपत्रों की जांच हो रही थी, वहां भीड़ बढ़ने पर अभ्यर्थियों को बाहर रोका गया था। अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी काफी तादाद में थे। अभ्यर्थियों को अंदर ले जाने की फिराक में कई परिजन ऑडिटोरियम में घुस गए। इससे अव्यवस्था बढ़ने लगी। उन्हें बाहर करने और हंगामा शांत करने के लिए पुलिसकर्मी बुलाए गए। दूसरी तरफ, परिजन व्यवस्था पर ही सवाल उठाते हुए आरोप लगा रहे थे।
मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. विभु साहनी ने बताया कि आखिरी दिन होने के कारण भीड़ ज्यादा थी। इस कारण देर शाम तक प्रपत्रों की जांच का काम चला। सिर्फ 24 अभ्यर्थी ऐसे रहे जो बृहस्पतिवार को वापस गए। अगर कोई बिना टोकन लिए चला गया है, तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। जो रह जाएंगे, उनके लिए आगे भी तारीख दी जा सकती है या नहीं, यह अभी तय नहीं हो पाया है।
प्रमुख बातें===
अव्यवस्था फैलने पर बुलानी पड़ी पुलिस, परिजनों ने भी किया हंगामा
अंतिम दिन 1238 की जांच, पांच दिन में कुल 5164 की हुई जांच