110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेरठ सिटी स्टेशन से दौराला रेलवे स्टेशन तक बनाए गए 17 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलवे ट्रैक पर 110 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन दौड़ेंगी। बृहस्पतिवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) एसके पाठक ने ट्रैक का निरीक्षण कर इसके पूरी तरह सुरक्षित होने पर अपनी मुहर लगाई। साथ ही ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दी। इसके तुरंत बाद ही इस ट्रैक से दिल्ली से देहरादून जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस को सफलतापूर्वक गुजारा गया। हालांकि ट्रैक पर कुछ कार्य बाकी होने के चलते पावली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को 75 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से निकाला जाएगा। सीआरएस के निर्देश पर तब तक के लिए इस पर कॉशन लगाया गया है।
मेरठ सिटी स्टेशन से सहारनपुर तक ट्रैक दोहरीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। पहले चरण में मेरठ सिटी स्टेशन से दौराला रेलवे स्टेशन तक का 17 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनकर तैयार हुआ था। इस ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह साढ़े दस बजे सीआरएस एसके पाठक स्पेशल ट्रेन से सिटी स्टेशन पर पहुंचे। सीआरएस ने सबसे पहले पावर केबिन पहुंचकर ट्रैक के हवन पूजन में हिस्सा लिया। इसके करीब एक घंटा बाद वे अधिकारियों के साथ मोटर ट्राली पर सवार होकर नए ट्रैक को देखते हुए कैंट स्टेशन पर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने करीब तीन घंटे तक ट्रैक का न केवल सघनता से निरीक्षण किया बल्कि काम में शिथिलता मिलने और सही जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
यहां से निकलकर वे दौराला स्टेशन पर पहुंचे। वहां से स्पेशल कार-बस द्वारा वापस सिटी स्टेशन पहुंचे। इसके बाद दस कोच लगी सीआरएस स्पेशल ट्रेन को 125 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दौड़ाकर ट्रैक का ट्रायल किया। सीआरएस ने तमाम तकनीकी पहलुओं को देखने और ट्रायल में ट्रैक के पास होने के बाद इस ट्रैक को 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए फिट घोषित कर दिया। सीआरएस के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) पीके सांघी और डीआरएम आरएन सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
खास बातें
सीआरएस ने किया नवनिर्मित ट्रैक का निरीक्षण, पावली खास में लगाया 75 किलोमीटर प्रति घंटा का कॉशन
फाटक बंद होने से नाराज लोगों का हंगामा
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मोदीपुरम। रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण को लेकर किए जा रहे काम के कारण सिवाया, माउंट लिट्रा और कृषि यूनिवर्सिटी के फाटक को बंद कर दिया गया। जिसके चलते सिवाया, बफावत, पबरसा और यूनिवर्सिटी एवं आलू अनुसंधान के कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी। इसके विरोध में ग्रामीणों और कर्मचारियों ने हंगामा किया। बाद में करीब डेढ़ घंटे बाद फाटक को खोला गया। बता दें कि ट्रैक को तैयार करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। शुक्रवार को ट्रैक पर ट्रेन चलने लगेंगी।