विश्व प्रकृति निधि के संजीव यादव ने बताया कि घड़ियाल पुनर्विस्थापन परियोजना के तहत वर्ष 2009 से अब तक सात चरणों में कुल 973 घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं। घड़ियाल की विलुप्त होती प्रजाति का संरक्षण करने के लिए गंगा नदी में इस अभियान को चलाया जा रहा है। गंगा नदी में घड़ियाल जैविक सफाईकर्मी का कार्य करते हैं। इसके बाद इन्हें विभिन्न नदियों में छोड़ा जा रहा है। इन्हें नदी में छोड़ने के लिए सर्दी का मौसम उपयुक्त होता है। इस दौरान प्रशिक्षु आईपीएस ऋजुल, क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत चौधरी, चेयरमैन मवाना अखिल कौशिक, शाहनवाज खान, ओमप्रकाश, अतुल दूबे आदि मौजूद रहे।
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