मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी पड़नी शुरू हो गई है। शुक्रवार को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह की पहली किरण के साथ ही शुरू हुई तपिश दोपहर होते-होते बढ़ती चली गई। आलम यह रहा कि सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। चौधरी चरण सिंह विवि वेधशाला पर शुक्रवार को अधिकतम 42.3 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 48 से 72 घंटों तक क्षेत्र में भीषण हीट वेव का प्रकोप बना रहेगा। इस दौरान पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है। शुक्रवार को लू के बढ़ते असर ने बिजली और पानी की मांग में भी भारी इजाफा कर दिया है। गर्मी के साथ-साथ वेस्ट यूपी की वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। मेरठ शहर का एक्यूआई शुक्रवार को 338 दर्ज किया गया। धूल और धुंध के कारण सांस लेना दूभर हो गया है।
राहत की उम्मीद: 26 की रात से बदलेगा मिजाज
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार 26 अप्रैल की रात से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिल सकेगी। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि अचानक बढ़े इस तापमान से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
इलाका एक्यूआई (एक्यूआई)
एमआईईटी कॉलेज 376
जयभीम नगर 375
मेरठ शहर 338
दिल्ली रोड 334
पल्लवपुरम 313
बेगमपुल 310
गंगानगर 290
बचाव के मुख्य उपाय:
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढकें।
हल्के रंग के और ढीले कपड़े पहनें।
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस या तरल पदार्थों का सेवन करें।
बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ख्याल रखें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।