32 किमी में लगे 72 कैमरे, 15 तक एनएचएआई को मिल जाएगा एक्सप्रेस-वे
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण में डासना से मेरठ 32 किमी का कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। निर्माणाधीन कंपनी जीआर इंफ्रा के दावे के मुताबिक 15 इस चरण को एनएचएआई को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद एनएचएआई द्वारा फैसला लिया जाएगा कि डासना से हापुड़ वाले तीसरे चरण की तरह इसे भी खोल दिया जाए। इससे डासना से मेरठ तक सफर आसान हो सके। इससे रोजाना दिल्ली जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, अभी भी वाहन रोकटोक के बावजूद भी इससे गुजरना शुरू हो गए हैं।
एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार के साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के कारण 32 किमी के दायरे में रात्रि दृष्टि के 72 कैमरे लगा दिए गए हैं। इससे किसी भी अप्रिय घटना और वाहनों की अधिक रफ्तार को कैमरों में कैद किया जा सकेगा। इसके लिए वाहन चालकों को भी सतर्क रहना पड़ेगा।
हालांकि, एक्सप्रेस-वे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला सकते हैं। वहीं, अगले सप्ताह तक सोलर पैनल को लगाने के बाद रात में लाइटों से एक्सप्रेस-वे जगमग हो जाएगा। इसके लिए भी कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं, डिजिटल साइन बोर्ड लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा टोल प्लाजा के बाद मशीनों को लगाने का कार्य भी किया जा रहा है।
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मार्च-2020 तक का था लक्ष्य, हो गया एक साल आगे
पिछले वर्ष ही इस चरण को पूरा किया जाना था। लेकिन किसानों, मौसम, प्रदूषण के अवरोध के कारण यह कार्य आगे बढ़ता गया। हालांकि, पिछले दिनों जीआर इंफ्रा के ऑनर ने एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया था। इसमें उन्होंने हर हाल में 15 मार्च तक इस चरण को एनएचएआई को सौंपने का निर्देश दिया था। इसके बाद से ही फिनिशिंग के कार्य में तेजी आई है। इस कार्य को मार्च-2020 में पूरा किया जाना था।
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