राजीव हत्याकांड में 15 दिन में ही चार्जशीट, व्यापारी को क्लीनचिट
मेडिकल क्षेत्र में सेना के फार्म हाउस में हुई थी राजीव सैनी की हत्या
परिजनों ने आलू व्यापारी समेत तीन पर दर्ज कराया था हत्या का केस
पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों को भेजा था जेल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल क्षेत्र में सेना के फार्म हाउस में हुई राजीव की हत्या के मामले में पुलिस ने 15 दिन में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस ने विवेचना में आलू व्यापारी को भी क्लीनचिट दे दी। इस मामले में युवक के परिजनों ने लगातार सवाल उठाए थे कि पुलिस नामजद व्यापारी को बचाने में लगी है।
किठौर क्षेत्र के श्यामपुर जट निवासी राजीव सैनी की 22 अप्रैल को मेडिकल थाना में सेना के फार्म हाउस में गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने इंचौली निवासी आलू व्यापारी नदीम, महिला शमीम निवासी औरंगशाहपुर डिग्गी और मुसाहिद को नामजद कराया था। पुलिस ने आलू व्यापारी को हिरासत में लेकर कई दिन तक पूछताछ की। बाद में एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए शमीम और मुसाहिद को जेल भेज दिया। पीड़ित परिजन तीसरे आरोपी की भी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। केस की विवेचना एसओ मेडिकल कैलाश चंद कर रहे थे। पुलिस ने नदीम को क्लीनचिट दे दी, ओर जेल भेजे गये दोनों आरोपी मुसाहिद और उसकी प्रेमिका के खिलाफ चार्जशीट तैयार का कोर्ट में दाखिल कर दी।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
25 अप्रैल को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के पास चार्जशीट देने के लिए 90 दिन का समय था, लेकिन जिस तरह 15 दिन में ही चार्जशीट कर की, उससे पुलिस की भीमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
साक्ष्य के आधार पर लगाई चार्जशीट
एसओ मेडिकल का कहना है कि पहले दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि नदीम ही राजीव को बुलाकर ले गया था, जिसने हत्या कर शव को फेंक दिया। पुलिस ने जब मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्य के आधार पर जांच पड़ताल की तो सामने आया कि नदीम घटनास्थल पर था ही नहीं। विवेचना में पुलिस ने यह भी जिक्र किया है कि शमीम से राजीव की नजदीकी थी। बाद में महिला से मुसाहिद की भी नजदीकी बढ़ गई। जिसके बाद महिला ने अपने प्रेमी मुसाहिद के साथ मिलकर राजीव की हत्या कर दी।