एनएचआई के अफसरों ने एक्सप्रेस का लिया जायजा
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे
एक्सप्रेस वे के पूरा होने का लक्ष्य अप्रैल 2019 समाप्ति पर है लेकिन कार्य है अटका
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने जताई नाराजगी, रोड के बीच आ रहे भवनों का नक्शा होगा तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे के पूरा होने का लक्ष्य अप्रैल 2019 समाप्ति पर है। लेकिन कार्य अटका हुआ है। मंगलवार को मेरठ से दिल्ली 32 किलोमीटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमन रुहेला टीम के साथ आरओबी पर पहुंचे और एनएचएआई के अधिकारियों से कार्य में प्रगति की जानकारी ली।
निर्माणाधीन मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस का मंगलवार को प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने जायजा लेते हुए नाराजगी जाहिर की कि कार्य में ढिलाई बरती जा रही है । इसमें तेजी लायी जाए। इस दौरान उनके सामने किसानों के मुआवजे की समस्या आई। जिस पर उन्होंने कहा कि किसानों से बात की जाएगी। उन्होंने अंडरपास के पश्चिम में रोड के बीच आ रहे भवनों का नक्शा तैयार करने को कहा। कहा कि इन सभी को नोटिस जारी किए जाएं ताकि यहां काम शुरू हो सके। बताया कि कार्यों में तेजी लाई जा रही है।
कई गांवों में फंसे हैं पेंच
दरअसल, इस एलाइनमेंट में नाहल, कुशलिया, रसूलपुर सिकरोड व डासना में पेंच फंसे हैं। गांवों के काफी किसानों ने आज तक मुआवजा नहीं उठाया है। घोटाले का पर्दाफाश होने और पूर्व मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार द्वारा पूर्व एडीएम घनश्याम सिंह समेत दर्जन भर से अधिक लोगों पर रिपोर्र्ट दर्ज कराने के बावजूद मामला अब भी फंसा है। हुई। शेष बचे किसान भी उसी रेट पर मुआवजा मांग रहे हैं। इस पर प्रशासन ने एनएचएआई से राय मांगी थी जो आज तक नहीं दी गई। बल्कि एनएचएआई मामले को शासन में ले गई। वहां पर भी बीते पांच महीने से फाइल लटकी है।