काम नहीं, निगम में केवल हाजिरी लगाने आते हैं कर्मचारी
- अपर नगरायुक्त ने तीन कर्मचारी पकड़े, बैठी जांच
- अधिष्ठान लिपिक से मांगी रिपोर्ट
- शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
मेरठ। नगर निगम में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी शुरू होने के बाद भी कर्मचारी अपनी नौकरी को लेकर गंभीर नहीं हैं। निगम के कई कर्मचारी ऐसे सामने आए हैं जो सुबह और शाम निगम में हाजिरी तो लगाने आते हैं, लेकिन पूरे दिन निगम में काम करने की बजाय कहीं दूसरी जगह काम करते हैं। ऐसे सभी कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच में स्पष्ट होने पर इन कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।
नगर निगम किसी ने किसी मामले में आए दिन सुर्खियों में रहता है। अब नगर निगम में ऐसे स्थाई कर्मचारी सामने आ गए हैं जो प्रतिदिन सुबह शाम निगम पहुंचकर बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी तो लगाते हैं, लेकिन निगम में काम नहीं करते। बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी वेतन नगर निगम से जरूरत पाते हैं, लेकिन काम किसी दूसरी जगह प्राइवेट संस्थान में करते हैं। इसकी शिकायत अपर नगरायुक्त अमित सिंह के सामने पहुंची तो जांच बैठा दी गयी। अपर नगरायुक्त का कहना है कि महेन्द्र अनुचर कंकरखेड़ा में तैनात बताया जा रहा है। शिकायत है कि यह कर्मचारी दो साल से ड्यूटी नहीं आ रहा है, लेकिन निगम से वेतन पा रहा है। विनोद सक्सेना पर भी एक साल से अधिक समय से निगम में काम न करने का आरोप है। शमशाद मुख्यालय जोन में तैनात है। बताया जा रहा है कि यह भी एक साल से काम नहीं कर रहा है। इन सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट अधिष्ठान लिपिकों से मांगी गई है। अगर ये कर्मचारी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।