सरकार पर जमकर बरसे कर्मचारी संगठन
मेरठ। पुरानी पेंशन व्यवस्था खत्म कर नई व्यवस्था लागू करने के विरोध में बृहस्पतिवार को कर्मचारी संगठन सरकार के खिलाफ जमकर बरसे। कर्मचारियों ने ऐलान किया कि हड़ताल खत्म नहीं होगी। जिले के सभी ब्लॉकों के शिक्षकों-कर्मचारियों और अधिकारियों ने कहा कि मांगे नहीं मानी गईं तो 12 फरवरी तक पूर्ण हड़ताल रहेगी।
चौ. चरण सिंह पार्क में हुए धरने में कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को उनकी मांग पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं किया तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। धरने का नेतृत्व मंच के अध्यक्ष राकेश तोमर व संयोजक गिरजाकांत ने किया। संचालन परिषद के जिला मंत्री बनी सिंह चौहान ने किया। पूनम गर्ग, संजीव शर्मा, सतीश त्यागी, सुनील भड़ाना, शेरपाल सिंह सोलंकी, संदीप शर्मा, ओंकार नाथ दुबे, डा. सविता शर्मा, नरेन्द्र सिंह, अजीत सिवाच, गुरदीप सिंह, आनंद शर्मा, राकेश त्यागी, संजीव कुमार, अजय निरवान, प्रमोद कुमार, महक सिंह राठी, नारायण सिंह, पंकज शर्मा, दीपक तिवारी, नीरज चौधरी, वन्दना चौहान, रीना सिसोदिया, कृष्ण गोपाल, कुनाल गौतम आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
ये संगठन हैं शामिल
प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के सभी संबद्ध संगठन, प्राथमिक शिक्षक संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, सिंचाई विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, उप्र लेखा संगठन, सम्भागीय परिवहन विभाग, आईटीआई, कोषागार, मात्र शिशु कल्याण विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, डीआरडीए विभाग, राजकीय वाहन चालक संघ, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, राजकीय शिक्षक संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षक महासभा, सांख्यिकी सेवा परिसंघ, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, पेंशनर्स एसोसिएशन आदि के अतिरिक्त नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन सम्मलित रहे।
हड़ताल पर प्रशासन की आंकड़ेबाजी
मेरठ। पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे कर्मचारी संगठन लगातार उग्र होते जा रहे हैं। वहीं प्रशासन आंकड़ेबाजी में जुटा है। शासन को भेजी रिपोर्ट में प्रशासन ने करीब 6 प्रतिशत कर्मचारी ही हड़ताल पर दिखाए। जबकि असल में इनकी संख्या 50 प्रतिशत के आसपास है। जनपद में लगभग 19450 कर्मचारी हैं। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में जिला प्रशासन की तरफ से मात्र 1097 कर्मचारियों का हड़ताल पर होना बताया है। जबकि बृहस्पतिवार को चौधरी चरण सिंह पार्क में ही दो हजार से ज्यादा कर्मचारी धरने पर थे। इससे अलग तहसीलों और ब्लाक मुख्यालयों पर कर्मचारी और शिक्षक अलग से धरने पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के दफ्तरों और स्कूलों में काम लगभग ठप है।