मेरठ। शहर के युवाओं ने एक साथ दो क्षेत्रों में योग्यता हासिल की हैं। 12वीं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता का परचम फहराया है।
सीबीएसई की बारहवीं बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन अंक लाने वाले छात्रों ने एक बार में दो स्थानों पर विजय दर्ज कराई। छात्रों ने पहले 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में एनसीआर के टॉप 10 में रैंक ली है। वहीं, जेईई एडवांस, नीट से लेकर क्लैट एंट्रेस एग्जाम में पहले प्रयास में अच्छी रैंक ली है। दो प्रमुख परीक्षाओं में एक साथ अच्छी रैंक लाकर सफलता हासिल करने का मुख्य राज युवाओं ने अच्छा समय प्रबंधन, लक्ष्य पर फोकस और 10वीं के बाद से ही पढ़ाई के प्रति पूरा समर्पण बताया। जिसकी मदद से उन्होंने सफलता की दोनों मुख्य चुनौतियों को पारकर विजय दर्ज कराई है।
गोल तय, विजन क्लीयर नो कंफ्यूजन
युवाओं में अब 10वीं के बाद कौन सा विषय लें इसका कंफ्यूजन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। ढेरों करियर विकल्प होने के कारण युवा 10वीं के साथ ही तय कर लेते हैं कि आगे उन्हें क्या करना है। उसी तय गोल पर आगे बढ़ते हैं। उसी के अनुसार युवा पढ़ाई करते हैं। कोचिंग में तैयारी व सेल्फ स्टडी को वक्त देते हैं। ताकि सही समय पर अपना लक्ष्य पूरा कर सकें। युवा समझ चुके हैं कि बढ़ती प्रतियोगिता में उनके पास अधिक वक्त नहीं है, जब वे अपने गोल को आराम से पूरा करें।
...बस मन पक्का किया
जेईई एडवांस में आल इंडिया में 165 वीं रैंक लाने वाले अक्षज बंसल ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 493 अंक लाकर ऑल इंडिया के टॉप फाइव रैंक में नाम दर्ज कराया। बारहवीं में ऑल इंडिया टॉप फाइव में नाम, साथ ही जेईई एडवांस क ी कठिन परीक्षा में 165 वीं रैंक। वहीं यूपीएसईई में प्रदेश में चौथा स्थान अक्षज ने तीन परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया। तीनों ही परीक्षाओं में अक्षज की रैंक अच्छी है। इतनी चुनौतियों को कैसे पास किया, इस पर अक्षज बताते हैं कि 10वीं क्लास में ही तय कर लिया था कि आईआईटी में जाना है। बस मन पक्का किया। 10वीं की समर ब्रेक में और 11वीं की पांच महीने की पढ़ाई में 11वीं, 12वीं का पूरा सिलेबस कंप्लीट किया। डेढ़ साल के वल जेईई की तैयारी को दिया। बोर्ड परीक्षा में पेपर से दो दिन पहले रिवीजन करता था।
...तय था लक्ष्य, उससे भटकी नहीं
क्लैट की परीक्षा में ऑल इंडिया में 573वीं रैंक लाने वाली आस्था भट्ट ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 493 अंक लिए। आस्था ने सीबीएसई ऑल इंडिया टॉप 5 रैंक में जगह बनाई। दोनों मुख्य परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कैसे किया, इस पर आस्था कहती हैं कि मैंने 10वीं में ही लक्ष्य तय कर लिया था कि क्लैट क्लीयर करना है। बस उस गोल पर पूरा फोकस किया। उससे हटी नहीं। 10वीं, 11वीं के बीच में ही 12वीं का पूरा सिलेबस क्लीयर किया। पुराने पेपर्स हल करने शुरू कर दिए। कोचिंग करके क्लैट की तैयारी शुरू की। 12वीं की पढ़ाई को रोजाना दो घंटे और क्लैट को 5 घंटे देती। शनिवार और रविवार केवल क्लैट की तैयारी को देती। इस तरह दोनों पढ़ाई साथ-साथ चलीं और सफलता मिली।