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बीओटी

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मेरठ। महानगर में 17 चौराहों और छह मुख्य मार्गों का बीओटी ठेका नवीनीकरण किए जाने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के पास भेजी जाने वाली बीओटी ठेका पत्रावली नगर आयुक्त द्वारा नहीं भेजी जा सकी।
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नगर निगम प्रशासन ने मई 2013 में हीरा एडवरटाइजिंग को 17 चौराहे, अभिनव इंटरप्राइजेज को छह मुख्य मार्ग बीओटी पर दिए थे। अनुबंध की शर्त में था कि अगर कंपनियों का कार्य पूरे पांच साल संतोषजनक रहता है तो बीओटी ठेका आगे पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। हालांकि पिछले पूरे पांच साल तक बीओटी विवादों में रही। इसके बाद भी 22 मई 2018 से पहले ही नगर निगम ने दोनों कंपनियों को दिया गया बीओटी ठेकों का नवीनीकरण कर दिया, जिसका विरोध शुरू हो गया।
कुछ होर्डिंग कारोबारियों ने पिछले सप्ताह कमिश्नर से शिकायत की थी। साथ ही बीओटी ठेका पांच करोड़ रुपये में भी लेने का आश्वासन दिया था। सस्ती दरों पर छोड़े गए ठेके को निरस्त कराने की मांग की थी। जिस पर कमिश्नर ने नगरायुक्त से पूरी रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को कमिश्नर अपने कार्यालय पहुंचे तो कुछ लोग फिर शिकायत करने पहुंच गए। कमिश्नर ने नगरायुक्त मनोज कुमार को पत्र लिखकर जहां अभी तक रिपोर्ट ने देने पर नाराजगी जताई, वहीं बृहस्पतिवार को समस्त पत्रावली देने के निर्देश दिए थे। लेकिन बृहस्पतिवार को भी यह पत्रावली कमिश्नर के पास नहीं पहुंच सकी। निगम अधिकारियों ने बताया कि पूरी फाइल तैयार कर ली गई है। शुक्रवार को यह फाइल कमिश्नर कार्यालय में पहुंचा दी जाएगी।
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कमिश्नर से मिला पार्षद प्रतिनिधिमंडल
नगर निगम में बीओटी के ठेके में हुई अनियमितता को लेकर भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से मिला। उन्होंने बताया कि नगर निगम का विज्ञापन विभाग लंबे समय से चर्चाओं में रहा, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इस विषय पर कोई कार्रवाई नहीं की। 31 मार्च को नगर निगम बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्तमान ठेकेदार की फर्म को काली सूची में डाला जाए। सभी बड़े टेंडर विभागों समेत नगर निगम में भी ई-टेंडरिंग के माध्यम से हो रहे हैं। ऐसे में बिना ई-टेंडरिंग के टेंडर कराने से छवि एवं राजस्व दोनों का नुकसान है। यह ठेकेदार पहले पूर्व महापौर के साथ दुर्व्यवहार कर चुका है और पार्षदों के साथ भी उसका व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि नगर निगम में तीन जोन हैं। बीओटी के ठेके भी तीनोें जोन के अलग-अलग हों। अनुज वशिष्ठ, लोकेश चौहान, महेंद्र सिंह भारती, विपिन जिंदल, मनमोहन जौहरी, संजय सिंह सैनी आदि रहे।
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