ई-वेस्ट का निस्तारण सबसे बड़ी समस्या: प्रो. विमल चंद
मेरठ। सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में तीन दिवसीय अतिथि व्याख्यान का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। इसमें आईआईटी रुड़की के प्रो. श्री चंद, प्रो. विमल चंद श्रीवास्तव, प्रो. विमल कुमार गुप्ता एवं प्रो. विपिन कुमार मेहता और आईआईटी बीएचयू से प्रो. प्रदीप कुमार ने थापर यूनिवर्सिटी से प्रो. अविनाश चंद्रा एवं प्रो. राजकुमार गौतम ने व्याख्यान दिए।
प्रो. प्रदीप कुमार ने केमिकल उद्योगों में होने वाली दुर्घटनाओं के कारण एवं उनके निवारण के विषय में जानकारी दी। भोपाल गैस त्रासदी, हाल ही में ऊंचाहार एनटीपीसी में हुए बायलर विस्फोट आदि दुर्घटनाओं के बारे में बताया। प्रो. विमल चंद श्रीवास्तव ने सॉलिड वेस्ट एनर्जी एवं फ्यूल पर कहा कि आज के समय में म्यूनिसिपल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट, कृषि वेस्ट, औद्योगिक वेस्ट एवं ई वेस्ट सबसे बड़ी समस्या हैं। अंधाधुंध औद्योगिकीकरण, हमारी बिगड़ती दिनचर्या, बदलती जीवन शैली एवं जनसंख्या विस्फोट के चलते आने वाले समय में दुनिया सबसे अधिक ई वेस्ट के निस्तारण को झेलेगी। डीन एवं निदेशक प्रो. जयमाला ने कहा की ये गौरव का विषय है कि देश की विभिन्न जानी मानी संस्थाओं से आए प्रोफेसर्स से छात्र-छात्राओं को रूबरू होेने का मौका मिला।
प्रो. विमल गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होने वाली गेट की परीक्षा में कंप्यूटर साइंस आदि विषयों में औसतन डेढ़ से दो लाख विद्यार्थी भाग लेते हैं, जबकि केमिकल विभाग में गेट की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या औसतन 25 से 30 हज़ार तक ही रहती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में ईपी उपाध्याय, ई. जेआर बेंथैम, ई. गौरव सिंह, ई. विजय कुमार, ई. अंकित सिसौदिया, स्वप्निल शर्मा, अभिषेक, हेरिम सिद्दीकी, मयंक, मुस्कान, अजय, आकाश आदि का विशेष सहयोग रहा।
खास बातें:
सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन दिवसीय व्याख्यान का समापन