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अवैध ऑटो से बिगड़ रही व्यवस् था

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अवैध ऑटो से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था
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मेरठ शहर में ऑटो के लिए न तो कोई पार्किंग है और ही स्टैंड। लेकिन चालकों ने सड़क पर ही अवैध ऑटो का स्टैंड बना लिया है। इस कारण शहर के चौराहों और मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
शहर में करीब तीन हजार से अधिक अवैध ऑटो बेलगाम दौड़ रहे हैं। अवैध ऑटो के लिए यूनियन बनाकर ठेके भी छोड़ दिए गये। ठेकेदार एक ऑटो के प्रत्येक दिन के बीस से तीस रुपये वसूलते हैं। ऑटो की ठेकेदारी को लेकर तेजगढ़ी चौराहा स्थित होटल में एक साल पहले एक छात्र की हत्या भी कर दी गई थी। लेकिन थाना पुलिस ने कभी भी अवैध ऑटो पर कार्रवाई नहीं की। बीस साल पुराने डीजल के ऑटो नियमों की अनदेखी कर सड़क पर दौड़ रहे हैं। शहर में बेगमपुल चौराहा, जीरो माइल, दिल्ली रोड, रिठानी, परतापुर, गंगानगर, कमिश्नरी आवास चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, गढ़ रोड, हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया का पुल, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर में सड़क पर ही अवैध तरीके से ऑटो स्टैंड बना दिया गया है।
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बीच सड़क पर चालक करते हैं दबंगई
ऑटो चालक बीच सड़क पर दबंगई करते हैं। ऑटो को सड़क पर ही खड़े करते यात्रियों को बैठाने व उतारने का काम करते हैं। जिससे जाम की समस्या बनती है। जिन स्थानों पर पुलिस रहती है वहां भी ऑटो पर भी कार्रवाई नहीं होती। ऑटो का न तो रूट निर्धारित हैं और न ही उनका वेरीफिकेशन हुआ है।

नहीं काटे जाते चालान
थाना पुलिस के साथ ट्रैफिक पुलिस ने भी अवैध ऑटो को मानो ढील दे दी हो। एक ऑटो में कितने ही यात्रियों को बैठाकर ले जाया जाए, उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार ऑटो में सिर्फ छह यात्रियों को ही बैठाने का नियम है, लेकिन दस से भी अधिक यात्रियों को भूसे की तरह बैठाया जाता है।
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अवैध ऑटो को लेकर आरटीओ के अधिकारियों से भी जानकारी की जा रही है। शहर में कहां-कहां अवैध ऑटो चलते हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। जल्द ही पुलिस अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी। संजीव वाजपेयी, एसपी ट्रैफिक

खास बात
शहर में चल रहे हैं बीस साल पुराने टेंपो, चालकों ने बना लिया है अवैध स्टैंड
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