मेरठ। महिला जिला अस्पताल में बच्चे को भर्ती न करने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। बाद में एंबुलेंस के जरिए उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
एक परिवार शहर के एक चिकित्सालय में भर्ती शिशु को महिला चिकित्सालय लेकर आया था, लेकिन उसे यहां भर्ती करने से मना कर दिया गया। उसे वार्मर में रखा जाना था। इस पर परिजन भड़क उठे और हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि वे सरकारी अस्पताल में नहीं तो बच्चे को कहां लेकर जाएं। वहीं अस्पताल स्टाफ का कहना था कि उनके पास वार्मर खाली नहीं है। इसके बाद बच्चे को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। इस संबंध में महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. मंजू मलिक ने बताया कि वाकया मंगलवार का है। परिजनों ने हंगामा किया था। अस्पताल में सिर्फ पांच ही रेडिएंट वार्मर हैं, जिनमें शिशुओं को रखा जाता है। वे फुल थे। इस संबंध में कई बार सीएमओ को लिखा जा चुका है, लेकिन रेडिएंट वार्मर उपलब्ध नहीं हुए हैं। रेडिएंट वार्मर एक तरह मशीन है, जिसमें कमजोर या प्रीमैच्योर बेबी रखे जाते हैं।