बढ़े मतदान को अपने पक्ष में नहीं कर पायी भाजपा
पिछले चुनाव की तुलना में 1.21 लाख वोट पड़ा ज्यादा
लेकिन भाजपा अपने वोट बढ़ा सकी सिर्फ 6656
मेरठ।
नगर निगम चुनाव में इस बार 2012 की तुलना में मतदान ज्यादा हुआ। लेकिन भाजपा इस बढ़े मतदान का लाभ नहीं ले पायी। बढ़ा मतदान भाजपा के विपक्ष में लामबंद हो गया और भाजपा को 29582 मतों की करारी हार हाथ लगी। वोटों के भाजपा के पक्ष में लामबंद न होने पर भाजपा के दावों और चुनाव प्रबंधन की पूरी तरह कलई खुल गयी है।
नगर निगम के 2012 के चुनाव में कुल 4,16,974 वोट डले थे, जिसमें भाजपा को 198579 वोट मिले थे। जबकि इस बार नगर निगम चुनाव में कुल 5,38,437 वोट डाले गये, लेकिन भाजपा इसमें से मात्र 205235 वोट ही हासिल कर पायी। दोनों चुनाव के आंकड़ें साफ बताते हैं कि पिछले चुनाव की तुलना में जहां इस बार 1,21,413 वोट ज्यादा डाले गये, वहीं भाजपा अपने पिछले वोट में मात्र 6656 की ही बढ़ोतरी कर पायी। इससे साफ हो गया कि बढ़ा मतदान भाजपा के पक्ष में लामबंद न होकर उसके विरोध में चला गया। यदि भाजपा इस बढ़े मतदान पर अपना नियंत्रण रख पाती तो परिणाम कुछ और ही होता।