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सेंट्रल मार्केट मामले में बढ़ सकती है व्यापारियों की मुश्किलें

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सेंट्रल मार्केट प्रकरण में व्यापारियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रविवार को आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार द्वारा जिलाधिकारी को मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देशों दिए गए। इसके बाद से व्यापारियों में हलचल शुरू हो गई है।
उच्च न्यायालय द्वारा सेंट्रल मार्केट मामले में तीन वर्ष पूर्व ध्वस्तीकरण के आदेश दिये थे। उस दौरान व्यापारियाें ने इसका जमकर विरोध किया था। हालांकि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो दुकानों को स्टे दे दिया था। जिसके बाद कार्रवाई टाल दी गई। चार महीने पहले मामले में एक याचिकाकर्ता द्वारा दायर परिवाद में उच्च न्यायालय ने सेंट्रल मार्केेट के 46 प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने के आदेश दे दिये। मामले में आवास विकास ने सभी 46 प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा भी कर दिये थे। इसका भी जमकर विरोध हुआ तो मामला लखनऊ आवास आयुक्त दरबार पहुंच गया। जिसके बाद लगातार आवास आयुक्त धीरज साहू व्यापारियों का पक्ष सुन रहे हैं।
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सेेंट्रल मार्केट व्यापार संघ अध्यक्ष किशोर वाधवा ने बताया कि वो लगातार आवासीय भू उपयोग को व्यावसायिक मेें परिवर्तन के लिए आवास आयुक्त से बात कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि कि पहले वो 30 नवंबर को आवास आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। इससे पहले मामले में प्रशासन द्वारा कार्रवाई करना गलत है। व्यापारी विनोद अरोड़ा के अनुसार शहर में आवास विकास की कॉलोनियों में बने पांच हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ ने आवास आयुक्त को पत्र लिखकर शहर के सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग की है।
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उधर, याची राहुल ने आवास आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कोर्ट की अवमानना का हवाला दिया है। जिसमें कहा गया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी मार्केट में अवैध निर्माण लगातार जारी है। जिसके लिए वो जल्द उच्च न्यायालय से कमीशन की मांग करेंगे।
खास बात
मंडलायुक्त ने दिए डीएम को कार्रवाई के निर्देश तो व्यापारियों मे मची हलचल
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