मेरठ। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन द्वारा कचहरी स्थित पं. नानक चंद सभागार में संविधान विषय के अवसर पर ‘वर्तमान में बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।
मेरठ कॉलेज के विधि विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार ने कहा कि बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार राज्य के खिलाफ है। राज्य इसमें मनमाना प्रतिबंध नही लगा सकता है। उसे हर हाल में भारतीयों के बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी की हिफाजत करनी होगी। इस अधिकार का उल्लंघन करने वालों से सरकार को सख्ती से निपटना चाहिए।
मुरादाबाद के विधि कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शाहबुद्दीन अंसारी ने कहा कि बोलने और अभिव्यक्ति व असहमति के अधिकार एक ही हैं। हमें शांतिपूर्ण विरोध का पूरा अधिकार है। झूठ, नफरत, हिंसा, अफवाह और गलत सूचनाएं फैलाने का अधिकार किसी को भी नही है। वतन से ऊपर कोई भी नही है। अंधराष्ट्रवाद आज सबसे बड़ा खतरा है।
मुनेश त्यागी ने कहा कि बोलने और अभिव्यक्ति का अधिकार सभी भारतीय नागरिकों को है। अपने विचार बोलने और लिखने की आजादी खतरे में है। विचार व्यक्त करना, आलोचना करना, असहमति रखना हमारे बुनियादी अधिकार हैं। जनता संविधान के दायरे में इस व्यवस्था में परिवर्तन का आह्वान कर सकती है। अध्यक्षता तौसीफ अली खान, संचालन प्रभात मलिक ने किया।
इस दौरान अधिवक्ता आसिफ अली अंसारी, ब्रजबीर सिंह, कुंवर राजपाल सिंह, सुभाष चंद्र त्यागी, अब्दुल जब्बार खान, अलाउद्दीन सिद्दीकी, राजकुमार गुर्जर, विजय शर्मा, कर्णसिंह सैनी, उर्वशी, अखिल जगपाल, जगदीश, सुभाष त्यागी, विजय पाल, बृजपाल सिंह, रामोतार मित्तल सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
- ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने आयोजित की सेमिनार