रैपिड रेल स्टेशन के लिए बेगमपुल पर 64 दुकानें चिह्नित
मेरठ। रैपिड रेल के लिए बेगमपुल पर बनाए जाने वाले भूमिगत स्टेशन के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) नक्शा तैयार कर लिया गया है। इसकी जद में आने वाली 64 दुकानों को हटाने के लिए चिह्नित किया गया है। इससे दुकानदारों में खलबली मची है।
दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल ट्रैक के तहत मेट्रो प्लाजा से लेकर बेगमपुल तक करीब 5.8 किमी का भूमिगत ट्रैक बनाया जाना है। इसके लिए एफकांस कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है। प्रक्रिया के फाइनल होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। अमर उजाला ने पहले ही दिवाली से बाद काम शुरू होने की संभावनाओं के बारे में खबर प्रकाशित की थी। बेगमपुल में दुकानों के चिह्नित होने के बाद काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। चिह्नित दुकानों में अधिकतर चूड़ी, कपड़े, हार्डवेयर और बैग की दुकान शामिल हैं। दुकानों की सूची तैयार कर ली गई है।
एनसीआरटीसी देगा इन्हें स्थान
दुकानदारों के साथ एनसीआरटीसी के अधिकारी वार्ता कर रहे हैं। इनको किसी अन्य स्थान या किसी अन्य विकल्प पर बात की जा रही है। एनसीआरटीसी अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि किसी को भी परेशान नहीं किया जाएगा। उन्हें दुकान के लिए अलग स्थान दिया जाएगा।
दिवाली बाद आईटी पार्क, एक्सप्रेस-वे की मिलेगी सौगात
मेरठ। दिवाली बाद शहर को कई सौगात मिलने जा रही हैं। सब कुछ ठीक रहा तो 2021 से पहले रोजगार और परिवहन के क्षेत्र में शहर को रफ्तार मिलेगी। एक तरफ वेदव्यासपुरी में आईटी पार्क का निर्माण अंतिम चरणों में पहुंच गया है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का काम भी लगभग पूरा हो गया है। आईटी पार्क का निर्माण होने के बाद आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे। यहां कई आईटी कंपनियों के आने की संभावना है। इसके लिए केंद्र स्तर पर कंपनियों के आवेदन आने शुरू हो गए हैं। दिसंबर-2020 के दूसरे सप्ताह में आईटी पार्क का लोकार्पण संभव है। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 31 दिसंबर का लक्ष्य तय कर चुके हैं। इसके लिए एनएचएआई और कार्यदायी कंपनी जीआर इंफ्रा के इंजीनियर दिन-रात जुटे हैं।