फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी अस्पताल में महिला की मौत, हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
विज्ञापन

सांस की बीमारी के चलते 18 अप्रैल की रात को भर्ती कराई थी महिला
दो डॉक्टरों के खिलाफ लालकुर्ती थाने में दी तहरीर, मेट्रो अस्पताल का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। लालकुर्ती स्थित निजी अस्पताल में रविवार को महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। परिजनों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। परिजनों ने दो डॉक्टरों के खिलाफ लालकुर्ती थाने में तहरीर दी है।
सुपरटेक ग्रीन विलेज निवासी विजय खुराना रिटायर्ड पेशकार हैं। उनकी पत्नी सरोज खुराना (56) को सांस की बीमारी के चलते 18 अप्रैल की रात को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को डॉक्टरों ने महिला मरीज को सीटी स्कैन के लिए निजी सेंटर भेजा था। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान मरीज की ऑक्सीजन हटा दी थी। जब उन्हें सीटी स्कैन के लिए लेकर गए तो साथ में अस्पताल का कोई भी कर्मचारी साथ में नहीं गया। परिजनों का आरोप है कि जब सीटी स्कैन के लिए पहुंचे तो वहां उन्होंने कहा कि अस्पताल से तो कोई कर्मचारी नहीं आया।
विज्ञापन

बाद में मरीज को मेट्रो अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की, जिससे मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर इंस्पेक्टर लालकुर्ती रोजंत त्यागी मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे परिजनों को समझाकर शांत कराया। कहा कि शव का पोस्टमार्टम करा लें। लेकिन परिजनों ने इससे इंकार कर दिया। जिसके बाद परिजन शव को ले गए। इंस्पेक्टर का कहना है कि दो डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर आयी है, जिसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन

कोई लापरवाही नहीं
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सक्सेना का कहना है कि महिला मरीज को सिटी स्कैन के लिए भेजा गया था। अचानक महिला की तबियत बिगड़ गई। जिसमें महिला के फेफड़ों ने कार्य करना बंद कर दिया और उनकी मौत हो गई। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन त्यागी और वह खुद महिला का इलाज कर रहे थे। महिला के इलाज में डाक्टरों ने किसी तरह की लापरवाही नहीं दिखाई है। महिला की मौत पर उनकी संवेदना परिवार के साथ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें