मेरठ की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करेगी गुरुग्राम की कंपनी
मेरठ। गुरुग्राम की अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) महानगर की यातायात व्यवस्था को सरल करेगी। एसएसपी नितिन तिवारी के निर्देश पर कंपनी की टीम ने बुधवार को शहर का सर्वे शुरू कर दिया। पहले दिन यातायात व्यवस्था की हकीकत जानी तो जाम की स्थिति देखकर हैरान रह गई। जाम से निपटने के लिए कहां, क्या हो सकता है, यह सर्वे रिपोर्ट एक सप्ताह में एसएसपी को सौंपी जाएगी। अगले सप्ताह कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में यह प्रोजेक्ट रखा जाएगा।
एसएसपी नितिन तिवारी ने प्रयागराज में तैनाती के दौरान यूएमटीसी से वहां की यातायात व्यवस्था बेहतर कराई थी। करीब एक साल में यह प्रोजेक्ट सफल हुआ था। अब नितिन तिवारी ने मेरठ में इसी कंपनी को यातायात व्यवस्था सुधारने का जिम्मा दिया है। कंपनी के ट्रांसपोर्ट प्लानर मैनेजर मनीष भूटानी टीम के साथ बुधवार को एसएसपी और एसपी ट्रैफिक से मिले। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने टीम को सुगम यातायात में आने वाली परेशानियों, किस चौराहे की क्या स्थिति है, यह गूगल मैप के जरिये समझाया। ट्रैफिक कंट्रोल रूम के बारे में बताया। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए क्या-क्या होना चाहिए, इस पर भी विचार हुआ।
पहले दिन दो चौराहों का सर्वे
टीम ने पहले दिन बेगमपुल और हापुड़ अड्डा चौराहे का सर्वे किया। ये दोनों चौराहे ऐसे हैं, जहां पांच से छह रास्ते आपस में मिलते हैं। कंपनी ने तय किया है कि शहर के सभी चौराहों को नए ढंग से बनाया जाए। ट्रांसपोर्ट प्लानर मनीष भूटानी ने बताया कि सर्वे कार्य दो दिन में पूरा करना है। इसके बाद हम यातायात व्यवस्था में क्या सुधार कर सकते हैं, इस पर हर रोड-चौराहे के नए डिजाइन तैयार होंगे। अगले हफ्ते कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक होने की उम्मीद है। इसमें यह डिजाइन प्रस्तुत किए जाएंगे।
यहां लगता है ज्यादा जाम
शहर में जाम की सबसे ज्यादा समस्या दिल्ली रोड पर है। जीरो माइल, बेगमपुल चौराहा, भैसाली बस अड्डा, जली कोठी चौराहा, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, ट्रांसपोर्ट नगर कट, नवीन मंडी गेट, शॉप्रिक्स चौराहा, और परतापुर तिराहा सबसे अधिक जाम की मुख्य जगह हैं। हापुड़ अड्डा चौराहा, एल ब्लॉक तिराहा शास्त्रीनगर, बिजली बंबा तिराहा भी जाम की मुख्य जगह हैं। शहर में करीब 25 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं जहां जाम की समस्या है। दिल्ली रोड पर केसरगंज व रेलवे रोड चौराहा और मेट्रो प्लाजा पर सड़क संकरी हैं और वाहनों का दबाव अधिक है जिस कारण आए दिन भीषण जाम लगता है।
यह है वाहनों की स्थिति
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार आरटीओ में करीब 7.1 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जबकि जिले में एक लाख वाहन ऐसे हैं जो दूसरे राज्यों और जिलों के रजिस्ट्रेशन पर हैं। पिछले करीब 8 वर्षों में वाहनों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। करीब चार लाख वाहनों का आवागमन शहर के मुख्य स्थानों से होता है। लगातार बढ़ते वाहन यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। शहर के अधिकांश स्थानों पर यातायात व्यवस्था के लिए पिछले पांच सालों में कोई काम नहीं हुआ। पूर्व में केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान से भी सर्वे कराया था। जिसके बाद कई चौराहों की स्थिति और भी बिगड़ गई।
तैयार हो रहा प्लान
एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी का कहना है कि यातायात व्यवस्था को संवारने के लिए निजी कंपनी द्वारा प्लान तैयार किया जा रहा है। इस प्लान को मंडलायुक्त की बैठक में रखा जाएगा। संबंधित विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा। यातायात व्यवस्था को लेकर 2 दिन में यह कंपनी सर्वे रिपोर्ट तैयार करेगी।
खास बातें
- गुरुग्राम की अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (यूएमटीसी) के अधिकारी एसएसपी और एसपी ट्रैफिक से मिले
- बुधवार को किया गया सर्वे, मंडलायुक्त की बैठक में रखा जाएगा ट्रैफिक प्रोजेक्ट