डूडा अफसरों पर अवैध वसूली का आरोप, धरने पर बैठे लोग
- प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को अपात्र दर्शाने का लगाया आरोप
मेरठ। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रता की जांच के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए लोगों ने डूडा कार्यालय पर नारेबाजी की। लोगों ने पांच घंटे तक कार्यालय के गेट पर धरना दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
शुक्रवार को संयुक्त व्यापार मंडल बैनर तले लोग सूरजकुंड स्थित डूडा के कार्यालय पर पहुंचे और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अफसरों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदीप सिंह ने कहा कि डूडा में प्रधानमंत्री आवास योजना को पलीता लगाया जा रहा है। पात्रता की जांच के नाम पर दो हजार से 25 हजार रुपये तक वसूली की जा रही है। रिश्वत न देने वाले पात्र परिवारों को भी अपात्र दर्शाया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने कई बार डूडा के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डूडा के अधिकारियों की मिलीभगत से ही य अवैध वसूली की जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि डूडा कार्यालय पर यह भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। धरना प्रदर्शन पर प्रदीप सिंह, विक्रम सिंह, कृष्ण कुमार खन्ना, देवेन्द्र सिंह, नरेन्द्र, नरेश शर्मा, बलदेव सिंह दीपक राणा, विनोद कुमार, गोहर खान, गुरुविन्दर सिंह, प्रवीन पटेल, उत्तम जिंदल, ब्रजभूषण मित्तल, सुधीर आदि मौजूद रहे।
इस संबंध में पीओ डूडा आशीष सिंह का कहना है कि धरने पर बैठे लोग अफसरों पर दबाव बनाने के लिए यह कर रहे हैं। योजना के नाम पर डूडा का कोई कर्मचारी या अधिकारी अवैध वसूली नहीं कर रहा है। कुछ बाहरी लोगों द्वारा वसूली करने की शिकायत मिली है, इस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।