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निगम की दुकानों से किराया वसूली में भ्रष्टाचार की खुलेगी पोल

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ऑनलाइन होंगी निगम की दुकानें, भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
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- खुलेगी दुकानों से किराया वसूली में भ्रष्टाचार की पोल
- काफी दुकानों से नहीं लिया जा रहा है निगम कोष में किराया
- अब से पहले अमर उजाला ने किया था खुलासा

मेरठ। नगर निगम की दुकानों से किराया वसूली में भ्रष्टाचार पर अब नकेल कसेगी। नगर निगम प्रशासन ने निगम की सभी मार्केट की दुकानों को मैनुअल फाइलों के साथ ही ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया है। एक एक दुकान का पूरा लेखाजोखा निगम की वेबसाइट पर दिखेगा। इससे जहां निगम के मूल आवंटी का तो पता चलेगा ही साथ ही किराए के बकाएदार और फर्जी तरीकेसे किराये की वसूली की पोल खुलेगी। दुकानों से होने वाली किराया वसूली की धनराशि निगम खजाने में पहुंचेगी।
अमर उजाला ने जनवरी माह में नगर निगम की 70 दुकानों का मामला उजागर किया था। जिनसे पिछले 14 साल से निगम को किराया नहीं मिला है। रोड पटरी के नाम पर दुकानों को ऐसे ही दर्शाया गया है। इस खेल में निगम को लगभग दो करोड़ से भी अधिक रुपये का नुकसान हुआ है।
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नगर निगम की एक हजार से अधिक दुकानें
- महानगर में नगर निगम की एक हजार से भी अधिक दुकानें हैं। जिनमें बच्चा पार्क, नगर पालिका मार्केट, भगत सिंह मार्केट, नगर निगम मार्ग पर मार्केेट, देहली गेट चौराहा मार्केट, जेल चुंगी, सूरजकुंड सहित विभिन्न स्थानों पर निगम की दुकानें हैं। नियमानुसार सभी से किराया वसूली होनी चाहिए। इतना ही नहीं निगम की दुकानों का रखरखाव की जिम्मेदारी भी निगम अधिकारियों की है। निगम एक्ट केमुताबिक प्रतिवर्ष दुकानों के किराए में बढोत्तरी का प्राविधान है। निगम के किराया विभाग में पिछले सालों में बड़े खेल हुए। जहां सपंत्त्ति खुर्द र्बुद की गयी। वहीं किराया वसूली में भी भ्रष्टाचार हुआ है। जो समय समय पर उजागर होता रहा है।

निगम की वेबसाइट पर मिलेंगी दुकानें
- अब नगर निगम प्रशासन ने इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए निगम की समस्त दुकानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने किराया विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि वह शीघ्र दुकानों को ऑनलाइन कराएं। ताकि निगम की आय बढ़े और दुकानों से अवैध कब्जेधरियों को निकाला जा सके।
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रोड पटरी की दुकानों पर भी होगा निर्णय
- रोड पटरी में दर्ज की गयी निगम की 70 दुकानों पर भी अब निर्णय होगा। या तो शासनादेश के मुताबिक दुकानों पर बुलडोजर चलाया जाएगा या फिर उनसे किराया वसूली की जाएगी। नगर निगम द्वारा तैयार की गयी रोड पटरी में दुकानों की बात करें तो जिन दुकानों को रोड पटरी में लिया गया है उनके ठीक बगल में संचालित प्राइवेट दुकानें भी रोड पटरी में शामिल होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।

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