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अपराजिता अभियान... सहारनपुर.... नवाज देवबंदी

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कोहिनूर हैं बेटियां, इनका साहस बढ़ाना सराहनीय : नवाज देवबंद
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सहारनपुर। ‘एक आंखों के पास है, एक आंखों से दूर/ बेटा हीरा होता है और बेटी कोहिनूर।’ प्रख्यात
शायर नवाज देवबंदी ने इस शेर के साथ शुक्रवार को देवबंद में अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ का पोस्टर लांच किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सराहनीय और अनुकरणीय है। ऐसे अभियान की बदौलत ऐसी महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती है, जो अपने अंदर बेहिसाब खूबियां समेटे हुए हैं लेकिन उचित प्लेटफार्म न मिलने की वजह से उनकी प्रतिभा छिपी हुई है।
महिलाओं के प्रति आदर को प्रदर्शित करते हुए उन्होंने अपना मशहूर शेर भी पढ़ा, ‘उसकी एड़ी पर्वत चोटी लगती है, मां के पांव से जन्नत छोटी लगती है।’ उन्होंने बेटियों को साहस और सम्मान के रास्ते पर प्रेरित करते हुए कुछ यूं कहा, ‘जो सफर इख्तियार करते हैंऽ वो ही दरिया को पार करते हैं/ चलके तो देखिए मुसाफिर का, रास्ते इंतजार करते हैं।’
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बोले, समाज में ऐसी बहुत महिलाएं हैं, जिन्होंने अलग अलग क्षेत्र में अपना, परिवार का, समाज का और देश का नाम रोशन किया है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। जिंदगी जीतने के लिए होती है, हारने के लिए नहीं। बहुत से लोग मंजिल पाने से पहले ही रुक जाते हैं, लेकिन मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो मकसद पर नजर रखकर मेहनत करते रहते हैं।
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‘बेटियां पढ़ेंगी तो आएगा बदलाव’
नवाज देवबंदी ने कहा कि अपराजिता अभियान की जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनमें आत्मबल मजबूत करना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। बोले, मेरा शौक शायरी है और मिशन शिक्षा है। शिक्षा भी बेटियों की खातिर। बताया कि वह देवबंद, मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न जनपदों में बालिकाओं की शिक्षा के लिए 25 विद्यालयों का संचालन करते हैं। नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल, देवबंद में बेटियों को इंटर तक की शिक्षा निशुल्क दी जा रही है। जल्दी ही मुजफ्फरनगर में छात्राओं के लिए सिविल सर्विसेज कोचिंग सेंटर स्थापित करने को प्रयासरत हैं। जिन बेटियों के मां बाप नहीं हैं, हम उन्हें अपनी बेटी बनाते हैं और फिर उसकी पढ़ाई के खर्च से लेकर तमाम जिम्मेदारियां भी उठाते हैं। उनका कहना है कि सामाजिक क्रांति बेटियों के शिक्षित होने से ही आ सकती है, क्योंकि एक बेटी बड़ी होकर मां बनती है, जो शिक्षित होने पर ही अपनी संतान को अच्छे संस्कार और शिक्षा दे सकती है।


 
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