गुटबाजी के बीच चुनौती बना मोर्चा अध्यक्ष घोषित करना
- महिला और युवा मोर्चा के जिला और महानगर अध्यक्ष होने हैं घोषित
मेरठ। भाजपा में महानगर और जिला स्तर पर मोर्चों के अध्यक्ष घोषित करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। गुटबाजी के बीच हर कोई अपने चहेते को आगे लाने की कोशिश में है। ऐसे में लगातार देरी होती जा रही है।
भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होने के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष घोषित हो चुके हैं। अब क्षेत्रीय कार्यकारिणी घोषित होने के साथ ही महानगर व जिला के अध्यक्ष भी घोषित होने हैं। महानगर में युवा मोर्चा के लिए जमकर खींचतान है। क्योंकि महानगर अध्यक्ष के लिए वीनस शर्मा, दीपक शर्मा और आशीष प्रताप के नाम चर्चा में है। इनमें आशीष प्रताप को महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग सहित सांसद राजेंद्र अग्रवाल खेमे का करीबी माना जाता है। जबकि दीपक शर्मा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी खेमे से हैं। जबकि वीनस शर्मा किसी गुट से नहीं जुड़े हैं। इन तीनों के बीच रस्साकशी में कौन महानगर अध्यक्ष होगा, इस पर सबकी नजर टिकी है।
वहीं महिला मोर्चा में वर्षा कौशिक दावेदार बतायी जा रही हैं। लेकिन उनका नाम क्षेत्रीय महामंत्री के रूप में भी चल रहा है। ऐसे में वर्षा कौशिक इस दौड़ से बाहर हो सकती है। यदि वर्षा कौशिक अपना दावा समाप्त करती हैं तो ममता त्यागी के साथ ही निर्वतमान अध्यक्ष उमा चतुर्वेदी, भाजपा महानगर से जुड़ी सीमा श्रीवास्तव या हेमा पंत भी दावेदार हो सकती है। लेकिन महिला मोर्चा में भी गुटबाजी हावी होने से अध्यक्ष चुनना बड़ी चुनौती बन रहा है।
यही स्थिति जिले में है। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष के लिए आम सहमति नहीं बन पा रही है। जिलाध्यक्ष खेमा जिस महिला को अध्यक्ष बनाना चाहता है तो विरोधी खेमा उसका विरोध कर रहा है। ऐसे में किसी बीच के रास्ते की तलाश हो रही है। जबकि युवा मोर्चा में भी कई दावेदार उभर रहे हैं।