मच्छरों की भरमार, निगम नहीं फॉगिंग को तैयार
मेरठ। शहर में इस समय ज्यादातर इलाकों में मच्छरों की भरमार है। इससे बीमारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। लेकिन नगर निगम प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। एक अप्रैल से शुरू होने वाला मच्छर मार अभियान अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। नगर निगम के स्टोर में मैलाथियान ही नहीं पहुंचा है। इस कारण शहर में फॉगिंग नहीं की जा रही है। वहीं पिछले साल एक अप्रैल को यह अभियान शुरू हो गया था।
बीमारी फैलने का खतरा
मच्छरों के कारण शहर में बीमारी फैलने का खतरा है। पिछले दो साल में मलेरिया, डेंगू और चिकिनगुनिया के सबसे ज्यादा मरीज सामने आए। वहीं मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से परेशान जनता नगर निगम से लगातार शिकायत कर रही है, लेकिन हो कुछ नहीं रहा।
पिछले माह तैयार किया गया था प्रपोजल
नगर निगम प्रशासन के निर्देश पर सभी वाहन डिपो पर मच्छर मार दवाइयों के छिड़काव की रूप रेखा तैयार की गई थी। जिसके आधार पर छह ड्रम मैलाथियान खरीद का प्रपोजल तैयार हुआ था। जिसमें एक अप्रैल से शहर के सभी वार्डों में उसका छिड़काव शुरू करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन 16 दिन बाद भी नगर निगम ने शहर में फागिंग शुरू नहीं कराई है। जबकि नगर निगम में 75 फागिंग मशीनें हैं। 30-35 मशीनें तो पिछले साल ही खरीदी गई थीं। लेकिन मैलाथियान न होने का कारण वे जंग खा रही हैं।
सैंपल हुआ था फेल, फिर भी दे दिया ठेका
नगर निगम प्रशासन ने मैलाथियान दवा खरीद के लिए टेंडर निकाला था। एक कंपनी को दवा आपूर्ति का ठेका मिला है। निगम प्रशासन की मानें तो दवा आपूर्ति के लिए ठेकेदार को कार्य आदेश भी दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक दवा की आपूर्ति नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि लगभग छह लाख रुपये का बजट दवा के लिए रखा गया है। यह वही कंपनी है जिसके द्वारा पूर्व में सप्लाई की गई मैलाथियान का सैंपल ही फेल हो गया था। बावजूद निगम प्रशासन ने इस कंपनी को फिर से ठेका दे दिया।
मैलाथियान आपूर्ति के लिए फर्म को आदेश दिया जा चुका है। दवा का सैंपल लिया जाएगा। अगर सैंपल फेल आता है तो भुगतान पर रोक लगाई जाएगी। अगर दो दिन के भीतर दवा की आपूर्ति नहीं होती है तो निगम अपने स्तर से दवा खरीद करेगा। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त